NEET UG 2023 में नंबरो के अधार पर MBBS में व कैटेगरी वाइज मिलेगी सीटे..!

छात्राओं को इस बात की चिंता है कि उन्हें एमबीबीएस की सीट मिलेगी या नहीं।

देहरादून/उत्तराखण्ड: 17 JUNE.. 2023,  मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी का परिणाम जारी हो चुका है। वही जिसमें   इस वर्ष 2023..नीट रिजल्ट लगभग 20 लाख उम्मीदवारों का परिणाम आया !  मिली ताजा जानकारी के अनुसार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 13 जून, 2023 को नीट रिजल्ट 2023 (NEET result 2023 in hindi) घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष नीट 2023 परीक्षा के लिए कुल 2087462 उम्मीदवारों ने नीट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था । वही, जिसमें से कुल 48866 उम्मीदवार परीक्षा में अनुपस्थित रहे। नीट 2023 रिजल्ट (NEET 2023 result in hindi) एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in (नीट एनटीए निक इन) पर जारी किया गया जिसे देखने का डायरेक्ट लिंक इस लेख में उपलब्ध है।

 वही  उत्तराखण्ड में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी का परिणाम जारी हो चुका है। अब 720 में से 500 से ऊपर स्कोर करने वाले छात्र-छात्राओं को इस बात की चिंता है कि उन्हें एमबीबीएस की सीट मिलेगी या नहीं। उत्तराखण्ड में सरकारी कॉलेज मिलेगा या प्राइवेट। वही इस दौरान उत्तराखण्ड में निजी कॉलेजों हिमालयन, एसजीआरआर और गौतम बुद्ध में 75-75 एमबीबीएस सीटें राज्य कोटे की हैं। सरकारी कॉलेजों की 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया काउंसिलिंग से भरी जाएंगी।  वही जिसमें  निजी कॉलेजों की 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मैनेजमेंट कोटे की होती हैं।

बता दे कि अब नीट में सफल  उम्मीदवारों को 720 में से 500 से ऊपर स्कोर करने वाले छात्र-छात्राओं को इस बात की चिंता है कि उन्हें एमबीबीएस की सीट मिलेगी या नहीं। सरकारी कॉलेज मिलेगा या प्राइवेट। पिछले साल एचएनबी मेडिकल विवि की ओर से कराई गई नीट यूजी काउंसिलिंग का ट्रेंड देखें तो जनरल कैटेगरी में 575 अंकों तक सीट मिलने की संभावना बन रही है।

मिली ताजा जानकारी के अनुसार आइए जानते हैं कि NEET UG में कितने नंबर तक सरकारी काॅलेजों में दाखिला मिल सकताहै।  इस दौरान सरकारी काॅलेजों में एडमिशन के लिए किस कैटेगरी के स्टूडेंट्स का NEET UG में कितना नंबर होना चाहिए। प्रदेश के 4  सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 85 प्रतिशत राज्य कोटे की कुल 442 सीटें हैं तो निजी कॉलेजों में 50 प्रतिशत राज्य कोटे की कुल 225 सीटें हैं।  साथ ही सरकारी कॉलेजों में श्रीनगर में 127, अल्मोड़ा में 85, हल्द्वानी में 103, देहरादून में 127 एमबीबीएस सीटें हैं। साथ ही निजी कॉलेजों हिमालयन, एसजीआरआर और गौतम बुद्ध में 75-75 एमबीबीएस सीटें राज्य कोटे की हैं।

बता दे कि  निजी कॉलेजों की 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मैनेजमेंट कोटे की होती हैं।  सरकारी कॉलेजों की 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया काउंसिलिंग से भरी जाएंगी। अगर आप जनरल श्रेणी के कैंडिडेट हैं और स्कोर कम से कम 650 है, तो सरकारी काॅलेज में एमबीबीएस सीट मिल सकता है। अगर स्कोर इससे कम है, तो प्राइवेट काॅलेज में दाखिला लेना होगा।

वही जिसमें  मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी की ओर से विस्तृत निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि राज्य की सीटों पर एचएनबी मेडिकल विवि काउंसिलिंग करेगा या एमसीसी। फिलहाल विवि भी इसके इंतजार में है।      नीट यूजी के लिए जल्द ही काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी।  एनएमसी के अनुसार इस बार सभी काॅलेजों में एडमिशन के लिए काउंसलिंग एक सामान्य प्रक्रिया के तहत होगी।

  वहीं अगर आप ओबीसी श्रेणी से आते हैं और स्कोर कम से कम 580-590 है, तो सरकारी काॅलेज में एडमिशन मिलने की प्रबल संभावना है।  इसी के साथ अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले स्टूडेंट्स का स्कोर 500 के आसपास हुआ, तो भी सरकारी संस्थान में दाखिला मिल सकता है।  वहीं अनुसूचित जनजाति के मामले में यही स्कोर 480-490 तक है तो गवर्नमेंट कॉलेज मिल सकता है।  नंबर कम है और इसे समझ लेंगे तो संभव है कि घर से दूर कहीं एडमिशन मिल जाए।    नॉर्थ-ईस्ट के सरकारी काॅलेजों में नेशनल कोटे में जगह की संभावना ज्यादा बनती है।   हर राज्य के मेडिकल काॅलेज में स्टेट कोटा और नेशनल कोटा होता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.