आज भू-बैकुंठ बद्रीविशाल ने आज 149 दिन बाद भक्तों को दिया दर्शन,श्रद्धा और भक्ति का भव्य संगम देखने को मिला

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उत्तराखंड: 23 April 2026, ब्रहस्पतिवार को देहरादून । उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है।  चमोली स्थित आज बद्रीनाथ मंदिर को करीब 25 क्विंटल फूलों से सजाया गया, जिससे धाम की छटा देखते ही बन रही है।  चमोली स्थित भू-बैकुंठ बदरीनाथ मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इससे पहले गंगोत्री- यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट पहले ही खुल चुके हैं। आज भू-बैकुंठ बद्रीविशाल ने आज 149 दिन बाद भक्तों को दिया दर्शन,श्रद्धा और भक्ति का भव्य संगम देखने को मिला!

आज 23 अप्रैल गुरुवार को गंगा सप्तमी के अवसर पर   सुबह करीब सवा 6 बजे पूरे विधि विधान के साथ हजारों भक्तों के सामने जब बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले तो पूरा आसमान भगवान बद्रीविशाल के जयकारे से गूंज उठा।   इस अवसर को खास बनाने के लिए मंदिर और आसपास के क्षेत्र को करीब 25 कुंतल ऑर्किड और गेंदे के फूलों से सजाया गया है।  रंग-बिरंगे फूलों से सजा पूरा धाम बेहद आकर्षक और दिव्य नजर आ रहा है. इस बार मुख्य सिंह द्वार को पहली बार फलों से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

इस मौके पर   भगवान बद्रीविशाल ने आज 149 दिन बाद भक्तों को दर्शन दिया जहां सीएम पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में भगवान बद्रीनाथ के मंदिर का विशाल कपाट खोला गया। वही इस अवसर पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी के नाम से मंदिर में पहली पूजा हुई। इससे पहले बुधवार को ही उद्दव, तेल कलश और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंच गई थी।  जबकि कुबेर की डोली रात्रि प्रवास के लिए बामणी गांव पहुंची।

चार धाम यात्रा में बद्रीनाथ धाम एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यदि आप चार धाम की यात्रा पर आते हैं तो बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए बगैर आपकी यात्रा अधूरी रहती है. चार धाम यात्रा में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम शामिल हैं। बद्रीनाथ धाम में भगवान बद्री विशाल का निवास है।  यह मंदिर 6 महीने के लिए खुलता है और 6 महीने बंद रहता है  उत्तराखंड में चारधाम यात्रा कड़ी सुरक्षा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच चारधाम यात्रा उत्साह के साथ शुरू हुई। उत्तराखंड के पवित्र धाम बदरीनाथ मंदिर में आज श्रद्धा और भक्ति का भव्य संगम देखने को मिला। वही जिसमें स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया. सुबह योग मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद देव डोलियां बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुईं।

इस धार्मिक यात्रा में बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) अमरनाथ नंबूदरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी आचार्य रविंद्र भट्ट और नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी सहित कई प्रमुख धार्मिक हस्तियां शामिल रहीं. बामणी गांव में श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं के साथ डोलियों का स्वागत किया, जबकि महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भजन-कीर्तन कर भगवान बदरीनाथ की स्तुति की।

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