दून अस्पताल में दलालों और MR का राज,मरीज झेल रहे, जिम्मेदार अधिकारी मौन

Spread the love

उत्तराखंड: 27 April 2026, सोमवार को देहरादून / राजधानी स्थित  राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की OPD में अब दलालों का दौर चल रहा।  सूत्रो के मुताबिक  एमआर (Medical Representative) मर्जी से घूमते हैं, डॉक्टरों को लालच देकर बाहर की महंगी दवाएं लिखवाते हैं। ये सीधा सा सवाल – क्या अस्पताल इलाज का केंद्र है या दलालों का गुजारा? मरीजों की जेबें खाली कर मटकाधारी बदल रहे “डॉक्टर-दलाल पर शक सूई जा रही है”!

जब दून अस्पताल की ओपीडी में एमआर के विजिट समय मरीजो देखने के बाद ओपीडी की अंतिम समय पर होना चाहिए लेकिन यह एमआर मरीजो के बीच में घुस जाते है और डॉक्टर सहाब मरीज छो़ड एमआर पर ध्यान देते है। इस संबंध में दून मेडिकल कालेज की प्राचार्या एव एमएस व डिप्टी एमएस सब मौन बने है। आखिर क्यो?

सूत्रो के मुताबिक वही  देखा,की दलाल ओपीडी के बाहर खड़े रहते हैं, डॉक्टरों को फोन कर बुलाते हैं। MR के टारगेट पूरे करने के लिए डॉक्टर पर शक सूई जा रही है, बाहर की ब्रांडेड दवाएं प्रिस्क्रिप्शन पर – जैसे मरीज की बीमारी नहीं, उनकी जेब हदफ हो। एक तीमारदार बोला, “दवा की दुकानदार ने बताया, डॉक्टर को कमीशन मिलता है।” ये लूट है या न्याय? प्रशासन की चुप्पी घेरे में – क्या दलालों को इंटरनल एक्सेस मिला है?
दलाली और MR के खेल को रोकने के मसालेदार उपाय: साफ-सफाई योजना
इस गंदगी पर फौरन लगाम लगाने के लिए ये कदम उठाओ, वरना अस्पताल बदनामी में डूबेगा:

दलाल बैन: ओपीडी के बाहर दलालों-एमआर की एंट्री ब्लैकलिस्ट,होना चाहिए!

दवा ट्रैकर एप्लिकेशन: डॉक्टर की हर प्रिस्क्रिप्शन पर ब्रांड-कंपनी टैग, टॉप-5 बाहरी दवाओं पर इंटरनल चेक।
मरीज अलर्ट सिस्टम: ऐप पर शिकायत, 48 घंटे में रिप्लाई। फोन न उठाएं तो PRO निलंबित  होना चाहिए!
स्वतंत्र जांच टीम: CVC जैसी टीम बुलाओ, रैंडम चेकिंग। रिपोर्ट सोशल मीडिया पर – जनता ट्रैक करे! ये कदम उठे तो दलाली खत्म होगी, वरना कमीशन का ये खेल जारी रहेगा।

वही जिसमें उत्तराखण्ड सरकार के  स्वास्थ्य मंत्री, अब दिखाओ असली इलाज,मरीज व तीमारदार आपसे उम्मेदी लगाए हुए है!

इस राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल देहरादून में रोज आना करीब 2000 से अधिक मरीज आते है। जब वह अपने को ओपीडी में दिखाते है तो उन्हें जेआर व प्रो0 डॉ. दवा लिखते जिसमें एक आधी अस्पताल की होती है बाकी अधिक दवाएं बहार की लिखी जाती है। साथ इस अस्पताल परिसर में तीन जन औषधी क्रेद्र खुले है लेकिन इन दवा केंद्र पर मरीज कम दिखते अधिकतम मरीज दून अस्पताल के बाहार निजि दवा विक्रेताओं पर भीड़ दिखे गई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.