न्यूज डेस्क / उत्तराखंड: 04 May 2026,सोमवार को पश्चिम बंगाल में इन नतीजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की बड़ी जीत माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में, जहां 294 सीटों के लिए मतदान हुआ, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच मुकाबला है। रुझानों के अनुसार, भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और 201 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, ममता बनर्जी की पार्टी 85 से अधिक सीटों पर आगे है।
- रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी की यह सफलता 2029 लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
- बंगाल में सत्ता परिवर्तन और असम में सत्ता बरकरार रखना बीजेपी के लिए डबल जीत साबित हुई है।
- यह परिणाम न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि राष्ट्रीय समीकरणों को भी बदलने वाला माना जा रहा है।
- पार्टी अब देश के 28 में से 22 राज्यों में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।
- पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
- शुरुआती रुझानों में पार्टी 190+ सीटों पर बढ़त बनाकर टीएमसी को पीछे छोड़ चुकी थी।
- यह जीत इसलिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि आजादी के बाद पहली बार राज्य में बीजेपी सरकार बनने जा रही है।
असम में लगातार तीसरी बार सत्ता-
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असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी बड़ी जीत की ओर बढ़ती हुई दिख रही है. 126 विधानसभा सीटों वाले असम राज्य में बीजेपी अपने दम पर पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाती नज़र आ रही है.महज़ दस साल में हिमंत बिस्वा सरमा न केवल राज्य में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बन गए हैं. बीजेपी लगातार तीसरी बार असम में सरकार बनाने जा रही है, या फिर इस जीत के पीछे हिमंत बिस्वा सरमा की बड़ी भूमिका है?
राज्य में इन चुनावों में सबसे बड़ा नुक़सान एआईयूडीएफ़ को हुआ है और इसका सीधा फ़ायदा बीजेपी को मिला है.
माना जा रहा है कि इस जीत के पीछे असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की बड़ी भूमिका रही है. हिमंत बिस्वा सरमा साल 2015 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे.
असम में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी बार लगातार सरकार बनाने की ओर बढ़त बनाई।
- शुरुआती आंकड़ों में बीजेपी 79 सीटों पर आगे रही, जबकि कांग्रेस काफी पीछे रही।
- मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और कल्याण योजनाओं को जनता का समर्थन मिला।
- यह जीत इसलिए ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पहली बार राज्य में भाजपा सरकार बनने जा रही है। “सोनार बांग्ला” का नारा, महिला वोटर्स और आक्रामक प्रचार इस जीत के अहम कारक रहे।
वही जिसमें आज बंगाल में सत्ता परिवर्तन और असम में जीत ने भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत कर दिया है, जिससे आगामी लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।पूर्वी भारत में भाजपा की यह डबल जीत सिर्फ चुनावी सफलता नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरण बदलने वाला बड़ा संकेत है। बंगाल से असम तक ‘कमल’ का खिलना पार्टी के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
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