देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की ओटी इमरजेंसी में तैनात सुरक्षा गार्ड्स द्वारा वरिष्ठ पत्रकार के साथ हुई अभद्रता और मारपीट के मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है।‘ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन’ (AISNA) के प्रदेश महासचिव सोमपाल सिंह के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के मामले में पत्रकारों ने अस्पताल परिसर में विरोध जताया और प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन (AISNA) उत्तराखण्ड इकाई के प्रदेश महासचिव सोमपाल सिंह के नेतृत्व में पत्रकारो ने कड़े विरोध के बाद आईसना संगठन पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने दून अस्पताल की प्राचार्य डीन/डॉ. गीता जैन से मुलाकात की जिसमें प्राचार्या ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही दोषियों पर गिरेगी गाज प्राचार्य का आश्वासन दिया। इस दौरान सोमपाल सिंह, धीरज पाल सिंह, अफरोज खान, अमित गोदियाल, सोनू उनियाल, बसंत पंत आदि पत्रकार मौजूद रहे।
साथ ही प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि अस्पताल परिसर में इस तरह की अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी बिठा दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाएगी और जल्द ही दोषियों के खिलाफ ठोस दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गौरतलब है कि शनिवार रात ।AISNA। के प्रदेश महासचिव सोमपाल सिंह के साथ अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने उस वक्त मारपीट की, जब वे एक मरीज की मदद के लिए इमरजेंसी पहुंचे थे। पत्रकारों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मी नशे की हालत में थे और उन्होंने जानबूझकर पार्किंग को लेकर विवाद पैदा किया। इस घटना के बाद से ही राजधानी के पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है।
घटना से नाराज पत्रकारों ने अस्पताल प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सुरक्षा कर्मियों का व्यवहार लगातार सवालों के घेरे में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।
वही , इससे पूर्व भी एक महिला पत्रकार के साथ मोबाइल छीनने और अभद्रता की घटना हो चुकी है, जिससे यह स्पष्ट है कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मियों का व्यवहार सामान्य जनता और मीडियाकर्मियों के प्रति अत्यंत आक्रामक और अमर्यादित है।
शिकायत पत्र देकर कहा कि इस मामले की गार्ड के ऊपर कारवाई ठोस कार्रवाई करें।, AISNA के पत्रकारों के आक्रोश के बाद जागी प्राचार्य ने जांच कमेटी बैठा दी है लेकिन इस पर अभी पत्रकार संतुष्ट नहीं हुई जब तक इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई और इन उपनल गार्ड्स को नहीं हटाया गया। पत्रकार आंदोलन पर बाधक होंगे।