अल्जाइमर रोग भूलने की बीमारी का जागरूकता शिविर 21 सितंबर को दून अस्पताल में..!

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देहरादून/उत्तराखण्ड: 18-SEP.–2023:  विश्व भर में 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। यह दिन न्यूरोलॉजिकल स्थिति, इसके कारणों, लक्षणों और प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए है।   वही इस  विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर 21 सितंबर 2023 को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल देहरादून के मनोरोग विभाग में जागरूकता शिविर  का आयोजन किया जाएगा। वही जिसमें अल्जाइमर रोग डेमोशियां भूलने की बीमारी के 50 से 75ःप्रतिशत रोग के लिए जिम्मेदार है।

यदि किसी व्यक्ति को नई बातें याद करने में दिक्कत, तर्क ना समझ पाना या लोगों से मेलजोल करने में झिझकना, सामान्य काम ना कर पाना, अपनी भावनाओं को संभालने में मुश्किल, व्यक्तित्व में बदलाव आ रहा हो तो उक्त समस्याओ से संबंधित व्यक्ति इस दून अस्पताल में लगने वाले शिविर में आकर अपनी समस्या यानी बीमारी का समाधान कर सकते हैं।

वही प्राप्त जानकारी में मनोरोग विशेषज्ञो के अनुसार  आज भारत  में बुजुर्ग लोगों की आबादी बढ़ रहीं है। यह बीमारी होने के कारण का अलार्म है।यह दिन न्यूरोलॉजिकल स्थिति, इसके कारणों, लक्षणों और प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए है। यह अल्जाइमर रोग एक स्नायविक विकार है जो स्मृति, सोच कौशल और व्यवहार के साथ समस्याओं का कारण बनता है। हकीकत यह है कि यह अल्जाइमर नाम की बीमारी हैए जिसमें लोग सब कुछ भूलने लगते हैं। स्मरण शक्ति कमज़ोर करने वाली यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों को होती है,

लेकिन कई बार इसके लक्षण युवाओं में भी पाये जाते हैंए इसलिए जागरूकता और इसका उचित इलाज बेहद आवश्यक है। हालाँकिए इस बीमारी के लिए कोई प्रॉपर इलाज अब तक विकसित नहीं किया जा सका हैए लेकिन इसके लिए सावधानियां और व्यायाम ज़रूर हैंए जो इस बीमारी में काफ़ी हद तक सहायक साबित होते हैं ! अल्जाइमर बीमारी का सबसे समान्य रूप डिमेंशिया है।

अल्जाइमर रोग प्रगतिशील मस्तिष्क रोग है। इस रोग की शुरुआत चीज़ें भूलने और कम स्तर पर याददाश्त में कमी विकसित होने के साथ होती है, जिसके परिणामस्वरूप रोगी को हाल-फ़िलहाल की घटनाओं को याद रखने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। अंततः यह दैनिक गतिविधियों तथा यहां तक ​​कि बुनियादी ज़रूरतों की देखभाल करने में अक्षमता पैदा करता है। वही इस के उपचार के तौर-तरीकों में औषधीय, मनोवैज्ञानिक और देखभाल करने के तमाम पहलु शामिल हैं।

यह निरंतर प्रगतिशील होने वाला मस्तिष्क का रोग है, जिसके परिणामस्वरूप याददाश्त और सोचने की क्षमता में कमी होती है। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट कर देता हैए जिसके कारण याददाश्त में कमी और परिवर्तनए अनियमित व्यवहार तथा शरीर की प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचता है। सामान्य शब्दों मेंए अल्जाइमर सामान्य की तुलना में अधिकांशत, याददाश्त विकार वाला रोग है। अल्जाइमर से पीड़ित रोगी अक्सर लोगों के नामए जैसे. कि पुराने दोस्तोंए पताए यहाँ तक कि सड़कों तथा अन्य वस्तुओं के नाम भी भूल जाते हैं।

वही जिसमें 1906 में जर्मन के न्यूरोलॉजिस्ट एलोइस अल्जाइमर ने इस बीमारी का पता लगाया था और इन्हीं के नाम पर इस बीमारी को अल्जाइमर ;।स्रीमपउमतद्ध कहा जाता है। दुनिया भर में लोगों को इस भूलने वाली बीमारी अल्जाइमर के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के मक़सद से प्रत्येक साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है।

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