15 जून को विश्व प्रसिद्ध बाबा धाम मेले में मालपुए महाप्रसाद वितरण होगा

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 उत्तराखंड: 13 JUNE 2026, शनिवार को देहरादून।  उत्तराखंड (कुमाऊँ) में  नैनीताल स्थित भवाली के कैंचीधाम आश्रम में हर साल 15 जून को विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के आश्रम का स्थापना दिवस मनाया जाता है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र सुप्रसिद्ध नींब करौरी आश्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद बाबा जी का पसींदा भोग प्रसाद मालपुए महाप्रसाद निर्माण का श्रीगणेश हो गया है। बाबा नींब करौरी के जयकारों के साथ वृंदावन व मथुरा से पहुंचे 45 सदस्यीय विशेष कारीगरों की टीम ने मालपुए महाप्रसाद बनाने पहुंची है।कैंची धाम स्थित नींब करौरी आश्रम में रोजाना आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। सैकड़ों किलोमीटर दूर से श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचकर बाबा के दर पर शीश झुकाते हैं।

 15 जून को महाआरती और भोग के बाद महाप्रसाद का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।  इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. इसको देखते हुए नैनीताल पुलिस ने ट्रैफिक को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं।15 जून को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।  बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक और सुरक्षा योजना लागू की है।

यहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम पहुंचाया जाएगा।   पुलिस के अनुसार किसी भी श्रद्धालु को निजी वाहन लेकर सीधे कैंची धाम तक जाने की अनुमति नहीं होगी। दोपहिया वाहनों को भी भवाली पार्किंग में ही खड़ा किया जाएगा।  कैंची धाम मेले को सुरक्षित सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। अब देखना होगा कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है।हनुमान चालीसा पाठ के बाद अब अखंड रामायण पाठ शुरू कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक कैंची धाम मेले की तैयारियां धूम-धाम से चल रही हैं। इसके चलते एक महीने से धाम में हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है, जिसका समापन 12 जून को हो गया है. साथ ही आज यानी 13 जून को रमायण पाठ का भी समापन हो जाएगा. वहीं, 14 जून को वन और 15 जून को प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा।श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 13 जून की सुबह से 16 जून की रात तक भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई है।मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए नैनीताल पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की भी तैनाती की जा रही है। आश्रम प्रबंधन ने कारसेवकों को जिम्मेदारी सौंप परिचय पत्र भी उपलब्ध करा दिए हैं।

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