उत्तराखंड: 28 JULY 2026, मंगलवार को देहरादून। श्रीनगर (गढ़वाल) हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए विभिन्न स्नातकोत्तर (PG), पीजी डिप्लोमा, बी.एड., बी.पी.एड., एल.एल.बी. तथा बी.लिब. सहित अनेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आयोजित विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (UET)-2026 में सफल अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है।
विश्वविद्यालय द्वारा 17 जून से 20 जून, 2026 तक विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (UET)-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रवेश परीक्षा समन्वयक डॉ. प्रीतम सिंह नेगी ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 13,900 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 2,273 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे तथा 9,877 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। अब सफल अभ्यर्थी अपने इच्छित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों एवं संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों के विकल्प ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
छात्र अधिष्ठाता कल्याण प्रो. ओ.पी. गुसाईं द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रवेश पंजीकरण पोर्टल 29 जुलाई, 2026 से 05 अगस्त, 2026 तक सक्रिय रहेगा। उन्होंने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर लॉगिन कर अपने पसंदीदा विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालय/संस्थान की वरीयताएँ सावधानीपूर्वक दर्ज करते हुए पंजीकरण शुल्क जमा करें।
साथ ही सीटों का आवंटन अभ्यर्थियों की मेरिट, पात्रता, भारत सरकार की आरक्षण नीति, उपलब्ध सीटों तथा अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज की गई वरीयताओं के आधार पर किया जाएगा। प्रवेश पंजीकरण हेतु विश्वविद्यालय का पोर्टल निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध रहेगा: https://hnbguadmission. samarth.edu.in/entrance/ विश् वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि संपूर्ण प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, मेरिट आधारित एवं भारत सरकार के आरक्षण नियमों के अनुरूप संचालित की जाएगी।
साथ ही अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण से पूर्व प्रवेश सूचना पुस्तिका का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें तथा आवेदन के दौरान दर्ज की जाने वाली सभी जानकारियों की शुद्धता एवं पूर्णता सुनिश्चित करें। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने सफल अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते प्रवेश पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि उन्हें अपनी योग्यता एवं वरीयता के अनुरूप विश्वविद्यालय के परिसर अथवा संबद्ध महाविद्यालय/संस्थान में प्रवेश प्राप्त करने का अवसर मिल सके।