न्यूज डेस्क / उत्तराखंड: 29 May 2026, शुक्रवार को देहरादून।प्राप्त जानकारी के मुताबिक बंगाल में रह रहे अवैध बांग्लादेशी अगर खुद से वापस चले जाएं तो उनपर बंगाल सरकार कोई केस नहीं करेगी।
गुरुवार को गांधीनगर में गृहमंत्री शाह ने कहा कि केस चलाना तो दूर, बल्कि ऐसे अवैध घुसपैठियों की वापसी में सरकार मदद भी करेगी।
इस मौके पर गृह मंत्री ने बंगाल की पूर्ववर्ती ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार पर पश्चिम बंगाल में बिना पड़ताल के घुसपैठ की अनुमति देने का आरोप लगाया। गुजरात के गांधीनगर जिले में सोनीपुर में एक आम सभा के दौरान उन्होंने कहा-उम्मीद है कि घुसपैठियों को पहचानने की मुहिम शुरू करने से पहले ज्यादातर लोग चले जाएंगे। देश से प्रत्येक घुसपैठिए को निकालना हमारी सरकार का संकल्प है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने फिर से यह बात दोहराई है कि देश में अवैध घुसपैठियों का ‘पता लगाने, हिरासत में लेन और निर्वासित करने’ के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है।
साथ ही गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्असामान्य डेमोग्राफिक परिवर्तनश् के कारणों की जांच के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति भी बनाई है। यह समिति एक साल के अंदर रिपोर्ट देगी।
बीजेपी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान वादा किया था कि अगर लोगों ने सत्ता पर बिठाया तो भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग की जाएगी।
गृह मंत्री ने बंगाल में सरकार बनने के सात दिनों के भीतर बीएसएफ को फेंसिंग के लिए 600 एकड़ जमीन सौंपने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को धन्यवाद भी दिया।उन्होंने कहा कि यही नहीं, राज्य सरकार ने सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण सिलीगुड़ कॉरिडोर या ‘चिकेन नेक’ की 121 हेक्टेयर जमीन भी केंद्र सरकार को सौंप दी है, जो कि पूर्वोत्तर के राज्यों को पूरे भारत से जोड़ता है।