पोर्टल पर उपलब्ध होगी उपकरणों की पूरी जानकारी-सचिव आपदा प्रबंधन ने निर्देश दिए कि सभी जनपद अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध आपदा प्रबंधन उपकरणों, मशीनरी एवं प्रशिक्षित मानव संसाधनों का विवरण आईडीआरएन पोर्टल पर अपलोड करें।आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बिना विलंब प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि इससे आपदा के दौरान राज्य, जनपद एवं तहसील स्तर के बीच समन्वय और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। तहसील में इनका उपयोग कंट्रोल रूम के तौर पर भी किया जा सकेगा।
उत्तराखंड: 25 JULY 2026, शनिवार को देहरादून। उत्तराखंड में आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट तथा राज्य में सक्रिय मानसून को देखते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने शनिवार को सभी जनपदों को उच्च सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। एसईओसी में आयोजित बैठक में उन्होंने मानसून के दौरान अब तक विभिन्न जनपदों में हुई क्षति, राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए क्षति की रिपोर्ट शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि जनपद स्तर पर प्राप्त सूचनाओं का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई तथा संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को बंद पड़े सभी मार्गों, विशेष रूप से ग्रामीण मार्गों को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि मार्गों को खोलने में किन-किन स्थानों पर कठिनाइयां आ रही हैं तथा उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से पहुंच सकें। बैठक में राज्य के प्रमुख डैम एवं बैराजों के जलस्तर की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए।
बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा की भी समीक्षा की गई। साथ ही बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन/डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दिनेश कुमार पुनेठा, डाॅ. पीडी माथुर के साथ ही यूएसडीएमए के विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।आपदा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को किया जाएगा सम्मानित-आपदा से जुड़े कार्मिकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 26 जनवरी, 15 अगस्त एवं 9 नवम्बर (उत्तराखण्ड स्थापना दिवस) के अवसर पर सम्मानित किया जाए।