इस वर्ष दुर्गा महोत्सव को लेकर खास उत्साह!, षष्ठी से पूजा प्रारंभ!

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उत्तराखंड: 22 सितंबर. 2025, सोमवार को देहरादून / राजधानी स्थित देहरादून में दुर्गा महोत्सव को लेकर उल्लास है। 27  सितंबर से दुर्गा महोत्सव शुरू होगा और 02 अक्‍टूबर 2025  को विसर्जन के साथ समापन होगा।  वही जिसमें बंगाली समुदाय में दुर्गा पूजा सबसे मुख्य फेस्टिवल है। पूरे सालभर से लोगों को इसका इंतजार रहता है। दुर्गा पूजा की वास्तविक शुरुआत षष्ठी तिथि से होती है।  दुर्गा पूजा में षष्ठी, महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और विजयादशमी तिथि का विशेष महत्व है। इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

प्रदेशो के  अलग-अलग शहरों के प्रमुख पंडालों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जगह-जगह भव्य सजावट और रौनक शुरू हो चुकी है। दुर्गा पूजा की तैयारीयों में पूजा समितियों, कलाकारों, और समुदायों का विशेष योगदान होता है, जिससे यह पर्व न सिर्फ धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले लेता है।

देहरादून में इस वर्ष बंगाली लाइब्रेरी पूजा समिति (करनपुर) दुर्गा पूजा का 103वां महोत्सव मनाएगी ।  साथ ही बंगाली लाइब्रेरी पूजा समिति करनपुर  के महासचिव आलोक चक्रवर्ती ने बताया कि लाइब्रेरी में मूर्ति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कोलकाता सहित कई शहरों में मूर्तिकार और कलाकारों की टीम विशेष रूप से आमंत्रित की गई है जो स्थानीय सांस्कृतिक रंग भी जोड़ रहे हैं।  दुर्गा पूजा पंडालों को सजाने के लिए थीम तथा अंदरूनी डेकोरेशन के लिए खास साज-सज्जा होती है और कई जगह सामुदायिक भोजन (भोग) वितरण होता है।आयोजकों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए विस्तृत प्लानिंग की जाती है।

वही दुसरी ओर करनपुर स्थित लक्ष्मी नारायाण मदिर में बजरंग सेवा समिति द्वारा इस वर्ष 35वां दुर्गा पूजा महोत्सव आयोजिन किया जा रहा है। वही इस समिति के मीडिया प्रभारी सोमपाल सिंह वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि हर वर्ष की भांति करनपुर बाजार स्थित दुर्गा पूजा की तैयारियां जोर शोर के साथ कि जा रही है। साथ नवरात्रो के पहले दिन से मॉ दुर्गा व श्रीगणेश भगवान,कार्तिक भगवान,मॉ लक्षमी देवी,मॉ सरस्वती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वही दूर्गा पूजा महोत्सव पष्ठी के दिन 27 सितंबर से प्रारंभ एवं  2 अक्टु0 विजयदश्मी को शोभायात्रा के बाद गंगा जी में सभी प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।पूजा की तिथियां, अनुष्ठान―षष्ठी से दशमी तक―पूरे विधि-विधान से संपन्न किए जाते हैं। पूजा पंडाल में महाष्टमी नवी के दिन कन्या पूजन किया जाते हैं। विजयदश्मी को  सिंदूर खेला, , विसर्जन जैसे आयोजन भी शामिल रहते हैं।

इस दौरान देहरादून में  इस साल की विशेष तैयारी2025 में दुर्गा पूजा 27 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच मनाई जाएगी और कई जगहों पर थीम “ऑपरेशन सिंदूर” जैसी सामाजिक सरोकार से जुड़ी थीम भी देखने को मिलेगी।

दुर्गा पूजा 2025 की तिथि एवं मुहूर्त

  • महापंचमी: 27 09 2025, शनिवार
  • महाषष्ठी: 28 09 2025, रविवार
  • महासप्तमी: 29 09 2025, सोमवार
  • महाअष्टमी: 30 09 2025, मंगलवार
  • महानवमी: 01 10 2025, बुधवार
  • विजयादशमी/दशहरा: 02 10 2025, गुरुवार

वही, महोत्सव को लेकर भक्तों में उत्साह है। इस दौरान  अयोजक भी तैयारियों में जुट गए हैं। देहरादून स्थित विभिन्न आयोजन समितियों की ओर से मुख्य रूप से दुर्गाबाड़ी मंदिर बिंदाल, माडल कालोनी आराघर, रायपुर, करनपुर, प्रेमनगर समेत छह जगहों पर दुर्गा महोत्सव पर पांडाल सजाए जाते हैं। एक-दो महीने पहले से ही इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। पंडाल में रोजाना हजारों की संख्या में लोग सुबह व शाम की आरती में हिस्सा ले रहे हैं।

साथ ही मूर्तिकारों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है ! कोलकाता से पहुंचे मूर्तिकार देहरादून में मिट्टी की मूर्तियां बना रहे हैं। खास बात ये है कि दुर्गा की प्रतिमा 6 से 8 फीट की इन मिट्टी की मूर्तियों की मांग भी शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से आ रही है। इन मूर्तियों को लकड़ी, मिट्टी, भूसे, घास, बांस व जूट से तैयार किया जा रहा है।

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