डीएम का सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर

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 उत्तराखंड: 22 Sep. 2026,  पौड़ी। पौड़ी गढ़वाल जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सहकारी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सहकारी समितियों की कार्यप्रगति, सहकारी देयकों की वसूली, समितियों के कंप्यूटरीकरण, क्लस्टर आधारित कृषि गतिविधियों तथा किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विषयों की विस्तृत समीक्षा की गयी।

सहकारी देयकों की वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने न्यूनतम प्रगति वाली समितियों की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित समितियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति सचिवों से फोन पर संवाद कर कम वसूली के कारणों की जानकारी ली तथा स्पष्ट किया कि कार्यप्रगति में सुधार लाने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएं। उन्होंने कम प्रगति वाले मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा सहायक जिला निबंधक को इसकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित समिति सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कम प्रगति का कारण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर माह के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले की 114 सहकारी समितियों के सामान्य सुविधा केंद्रों के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने इन केंद्रों को ग्रामीणों और किसानों के लिए अधिक उपयोगी एवं सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया।

जिन सहकारी समितियों को बहुराज्यीय सहकारी समितियों में सदस्यता नहीं मिल पाई है, जिलाधिकारी ने उनकी सूची कारण सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।उन्होंने ‘कोऑपरेशन अमंग कोऑपरेटिव्स’ की भावना के अनुरूप समितियों के बीच आपसी समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। बैठक में माधो सिंह भंडारी सहकारी खेती योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गयी।बैठक में जानकारी दी गयी कि जिले में सभी सहकारी समितियों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने समिति सदस्यों को सहकारिता से जुड़ी योजनाओं एवं गतिविधियों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।

पौड़ी गढ़वाल मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि सहकारी समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। विभिन्न विभागों की योजनाओं को सहकारिता से जोड़ते हुए क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो और उन्हें उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर लाभ मिल सके।

इस अवसर पर सहायक जिला निबंधक सहकारिता सुमन कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, नाबार्ड प्रबंधक हिमांक शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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