मैडम, विभागों पर हुई बेहद नाराज, कहा ऐसे सभी विभागों को चेतावनी पत्र देने के दिए निर्देश!

PMGSY & UREDA विभाग को श्रेणी में सुधार लाने की दी हिदायत !CDO

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देहरादून/उत्तराखण्ड: 11 Oct.–2023: खबर…. राजधानी से बुद्धवार को सर्वे चौक देहरादून स्थित  विकास भवन सभागार में  जिला योजना, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित, बाह्य सहायतित योजना, 20 सूत्री कार्यक्रम एवं टास्क फोर्स योजनाओं से संबंधित कार्यों की जनपद देहरादून की (CDO)  मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान की अध्यक्षता में  समीक्षा बैठक हुई।

वही   इस बैठक में जनपद देहरादून के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ . संजय जैन, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप नगर आयुक्क्त नगर निगम गोपाल राम बिनवाल, जिला अर्थ एंव संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी वंदना, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विद्याधर कापड़ी, मुख्य कृषि अधिकारी लतिका सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ मीनाक्षी जोशी, अपर अर्थ संख्या अधिकारी प्रकाश ंिसंह भण्डारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

वही इस मौके पर  देहरादून , मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने जिला योजना में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष कम व्यय करने वाले विभागों को अवमुक्त धनराशि को जल्द व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन से जिला योजना मद में शत-प्रतिशत बजट अवमुक्त हो चुका है।

इस दौरान  जिन विभागों को दूसरी औऱ तीसरी किश्त आवंटित होनी है वे विभाग आज ही फाइल प्रस्तुत कर बजट अवमुक्त करवाने की कार्रवाई शुरू करना सुनिश्चित करें। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी लोक सभा चुनाव निकट है और आदर्श आचार सहिंता प्रभावी होने से पूर्व विकासात्मक कार्यों में तेजी लाते हुए अवमुक्त धनराशि को माह दिसम्बर तक हर हाल में शत-प्रतिशत व्यय करना सुनिश्चित करें। बैठक में अधिशासी अभियंता जल संस्थान के उपस्थित न रहने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

वही   मुख्य विकास अधिकारी ने   राज्य सेक्टर की समीक्षा करते हुए  60 फीसदी से कम बजट खर्च करने वाले विभागों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की और ऐसे सभी विभागों को चेतावनी पत्र देने के निर्देश दिए। वही इसी के साथ 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने डी श्रेणी में पीएमजीएसवाई व उरेडा विभाग को लक्ष्य हासिल करते हुए श्रेणी में सुधार लाने की हिदायत दी। साथ ही सी श्रेणी में बाल विकास विभाग को भी ए श्रेणी में आने के लिए आवंटित लक्ष्य को हासिल करने के निर्देश दिए। केन्द्रपोषित वाह्य सहायतीत योजना एवं तीस सूत्रीय कार्यक्रम की गहनता से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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