दिव्यांगजनों को मिली कानूनी संरक्षकता की राह

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उत्तराखंड: 27 JULY 2026, सोमवार को देहरादून / राजधानी स्थित विकास भवन सभागार मे दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक एवं न्यायिक सशक्तीकरण की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। देहरादून जिलाधिकारी के निर्देश पर देहरादून जनपद के मुख्य विकास अधिकारी (CDO)   मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकास भवन  में समाज कल्याण विभाग की ओर से जिला स्तरीय समिति एवं स्थानीय स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 एवं राष्ट्रीय न्यास अधिनियम-1999 के तहत प्राप्त प्रकरणों पर विचार-विमर्श कर 12 मामलों में विधिक संरक्षकता एवं सीमित संरक्षकता प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

इस दौरान बैठक में आटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगता एवं बहु-दिव्यांगता से प्रभावित दिव्यांगजनों के हितों से संबंधित ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की गई। स्थानीय स्तरीय समिति ने 08 मामलों में विधिक अभिभावक नियुक्त करने, जबकि दिव्यांगजन अधिकार नियमावली, 2019 के तहत गठित जिला स्तरीय समिति ने 04 मामलों में सीमित संरक्षकता प्रदान करने का निर्णय लिया।
साथ ही कानूनी संरक्षकता मिलने से ऐसे दिव्यांगजन, जो स्वयं कानूनी रूप से बाध्यकारी निर्णय लेने अथवा अपने वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें अब विधिक अभिभावक या सीमित संरक्षक के माध्यम से बैंक खाता संचालन, बैंकिंग संबंधी आवश्यक कार्यों तथा अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में सुविधा मिलेगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि ऐसे दिव्यांगजन, जिनके माता-पिता शासकीय सेवा में कार्यरत थे और उनके निधन के बाद पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने में कानूनी अड़चनें आ रही थीं, वे विधिक अभिभावक अथवा सीमित संरक्षक के माध्यम से पारिवारिक पेंशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे संबंधित दिव्यांगजनों को आर्थिक सुरक्षा और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
इस दौरान देहरादून जनपद के मुख्य विकास अधिकारी (CDO)   ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधिक संरक्षकता एवं सीमित संरक्षकता से संबंधित प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनजागरूकता बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे पात्र दिव्यांगजन और उनके परिवारजन इस व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठा सकें, इसके लिए संबंधित विभाग प्रभावी स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित करें।
बैठक में देहरादून जनपद के  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एमके शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला शासकीय अधिवक्ता, दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत स्वैच्छिक संस्थाओं के गैर-सरकारी सदस्य तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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