उत्तराखंड: 20 JUNE 2026, शनिवार को देहरादून / राजधानी स्थित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस‘ की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि योग भारत की सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। योग ने सम्पूर्ण विश्व को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है। आज विश्व के अधिकतम देशों में करोड़ों लोग, योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब सीमाओं से परे सशक्त समाज का आधार एवं मानवता के कल्याण का वैश्विक माध्यम बन चुका है।
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग के द्वारा आज दुनिया में हमारी विशिष्ट पहचान बनी है। योग के लिये दुनिया भारत की ओर देख रही है। योग ने देश व दुनिया को स्वस्थता का भी संदेश दिया है। महान ऋषि पतंजलि ने योग के माध्यम से लोगों को जीने की राह दिखाई है। योग का अभ्यास शरीर, श्वास और मन को जोड़ता है।
उन्होने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।