​दून अस्पताल में गार्डों की गुंडागर्दी: पत्रकार मामले में सुरक्षा गार्ड दोषी करार, अस्पताल प्रशासन ने कसा शिकंजा

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उत्तराखंड: 08 May 2026, शुक्रवार को देहरादून /राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय (दून अस्पताल) में आए दिन हो रही बदसलूकी की घटनाओं पर अब कड़ा प्रहार हुआ है।  2 मई शनिवार रात ‘ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन’ (AISNA) के प्रदेश महासचिव सोमपाल सिंह के साथ हुई मारपीट और अभद्रता के मामले में गठित जांच कमेटी ने बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुवार 7 मई को गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के बाद दोषी गार्ड्स को कटघरे में खड़ा कर दिया गया है।

​क्या था पूरा मामला? ​बीती 2 मई की रात करीब 9:30pm बजे, इमरजेंसी ओटी के पास पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया था। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात उपनल के सुरक्षा गार्डों ने न केवल मर्यादा लांघी, बल्कि एक बीमार परिजन की मदद करने पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार सोमपाल सिंह के साथ जमकर अभद्रता और मारपीट की। पत्रकारों का यह भी गंभीर आरोप था कि ड्यूटी के दौरान गार्ड शराब के नशे में धुत्त थे।

जांच कमेटी की रिपोर्ट: सच आया सामने-​ दून अस्पताल की ओटी इमेरजेंसी परिसर में गार्ड्स द्वारा वरिष्ठ पत्रकार के साथ हुई मारपीट की  घटना के विरोध में पत्रकारों के भारी आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी के बाद प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच कमेटी गठित की थी। 07 मई गुरुवार को दून अस्पताल एमएस डॉ. आर.एस. बिष्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. मित्तल और डॉ. कुलदीप ने घटना स्थल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जिसमें से एक गार्ड का नाम सुरेद्र नेगी है दुसरे गार्ड का नाम छुपाया गया।

​जांच का नतीजा: फुटेज में पत्रकार के साथ बदतमीजी और मारपीट की पुष्टि हुई।
​प्रशासन का एक्शन: कमेटी ने दोनों संबंधित गार्ड्स को दोषी पाते हुए उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना पर गहरा खेद प्रकट किया है।
​बार-बार क्यों हो रही है ऐसी घटनाएं?  ​अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मियों की मनमानी का यह कोई पहला मामला नहीं है। पत्रकारों का कहना है कि यह तीसरी-चौथी बार है जब मीडियाकर्मियों को निशाना बनाया गया है। इससे पहले एक महिला पत्रकार के साथ भी इसी तरह की बदसलूकी की गई थी।

​इस दौरान सोमपाल सिंह, धीरज पाल सिंह, अमित गोदियाल, सोनू उनियाल और बसंत पंत समेत कई पत्रकारों ने दो-टूक कहा है कि सरकारी संस्थानों में इस तरह की गुंडागर्दी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय (दून अस्पताल)  की सुरक्षा के नाम पर तैनात रक्षकों का भक्षक बनना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगाता है।’

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