उत्तराखंड: 27 April 2026, सोमवार को देहरादून/राजधानी में सूत्रो के मुताबिक राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी अब मरीजों की जेब काटने का अड्डा बन गई! डॉक्टरों को बार-बार दिशा-निर्देश देने के बावजूद बाहर की महंगी दवाएं लिखने का धंधा जोरों पर। वही जिसमें हमारा संवाददाता ने (MS and Deputy MS) से बात करने की कोशिश की, लेकिन फोन तक नहीं उठाया। आखिरकार डिप्टी एमएस (Deputy MS ) ने फोन उठाया तो बहाना मार दिया – “कोई सही प्रक्रिया नहीं प्राप्त हुई!” ये क्या तमाशा है? अस्पताल की फ्री दवाएं कहां गईं?
इस राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल देहरादून में रोज आना करीब 2000 से अधिक मरीज आते है। जब वह अपने को ओपीडी में दिखाते है तो उन्हें जेआर व प्रो0 डॉ. दवा लिखते जिसमें एक आधी अस्पताल की होती है बाकी अधिक दवाएं बहार की लिखी जाती है। साथ इस अस्पताल परिसर में तीन जन औषधी क्रेद्र खुले है लेकिन इन दवा केंद्र पर मरीज कम दिखते अधिकतम मरीज दून अस्पताल के बाहार निजि दवा विक्रेताओं पर भीड़ दिखे गई। जारा सोचिए इस बड़े खेल को?
वही जिसमें मरीजों को सरकारी दवाओं की बजाय बाहर की ब्रांडेड दवाएं थमाई जा रही हैं, जो सीधे-सीधे कमीशन का खेल लगता है। डॉक्टरों की जेब भर रही, मरीजों की जेब खाली! एक मरीज ने बताया, “500 रुपए की दवा लिख दी, जबकि अस्पताल में फ्री उपलब्ध थी।” ये लूट है या इलाज? स्वास्थ्य विभाग सो रहा है क्या?
दून अस्पताल प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़ी कर रही – क्या ऊपर तक सेटिंग है? मरीजों का शोषण बंद कब होगा? कमीशनखोरी रोकने के मसालेदार उपाय: दून अस्पताल सुधरेगा कैसे? इस घोटाले पर लगाम लगाने के लिए ये कड़े कदम उठाओ, वरना मरीज सड़क पर उतरेंगे:
इस घोटाले पर लगाम लगाने के लिए ये कड़े कदम: ओपीडी प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट: हर डॉक्टर की 10 प्रिस्क्रिप्शन रोज चेक, बाहर की दवा पर फाइन 10 गुना!
फ्री दवा स्टॉक ट्रैकिंग: डिजिटल सिस्टम से स्टॉक चेक, डॉक्टर को बाहर लिखने पर अलर्ट। खत्म हो तो तुरंत भरो!
डॉक्टरों पर नजर: सीसीटीवी ओपीडी में, रैंडम चेकिंग। कमीशन पकड़े गए तो नौकरी गायब!
मरीज हेल्पलाइन: ऐप पर शिकायत, 24 घंटे जांच। डिप्टी एमएस जैसे अफसर फोन न उठाएं तो सस्पेंड!
तीसरे पक्ष की जांच: CAG जैसी टीम बुलाओ, सालाना रिपोर्ट सार्वजनिक। मरीजों को सस्ती दवा का हक दो!
ये कदम उठे तो दून अस्पताल मिसाल बनेगा, वरना कमीशन का ये धंधा सुर्खियां बटोरता रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री, अब एक्शन लो!दून अस्पताल में कमीशन का काला खेल! डॉक्टर बाहर की महंगी दवाएं लिख बाहर जेबें काट रहेहै!