16–जून को हजारों लोग काल के गाल में समा गये थे उन मृत आत्माओं की शांति हेतु श्रद्धांजलि!

पहाड़ों पर केदारनाथ में जो हवाई यात्रा पर कोई कंट्रोल नहीं हैं!

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देहरादून/उत्तराखण्ड: 17 JUNE.. 2023, खबर… राजधानी से शनिवार को देहरादून स्थित गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच हिमालयन एकोज ए जनसंवाद समिति ए सयुंक्त नागरिक संगठन ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से 17 –जून को सांय 06–15 बजे 10 वर्ष पूर्व आई केदार धाम में आपदा के दौरान  हजारों लोग काल के गाल में समा गये थे। अंत उन मृत आत्माओं की शांति हेतु *हम एक मोमबत्ती जलाने के साथ ही 02 मिनट का मौन कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलिअर्पित की।

वही इस अवसर पर प्रदीप कुकरेती ने कहा कि केदार आपदा से सबक लेकर हम जल्द एक संयुक्त ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री को सौंपेंगे कि पहाड़ों पर केदारनाथ में जो हवाई यात्रा पर कोई कंट्रोल नहीं हैं  । वही   हेलीकाप्टर के कितने चक्कर लगेंगे। हेलीकाप्टर के अनगिनत चक्कर से उनकी गड़गड़ाहट से हमारें हिम स्खलन होने की लगातार संभावना बनी हुई हैं। और जीव जन्तु अलग अपने जीवन से परेशान हैं। इसमें इसकी संख्या सीमित हो और केवल उम्र दराज या विकलांग लोगो को हेली सुविधा दी जाय।  बाकी पुरानी प्रथा को ध्यान में रखकर यात्रा होनी चाहियॆ।  ताकि स्थानीय लोगो को होम सटे , जलपान , होटेल , ढाबे इत्यादि भी चलते रहे और पर्यावरण भी संतुलन बना रहे।

वही इस मौके पर वेदिका वेद, प्रदीप कुकरेती, सतीश धौलाखंडी, जगमोहन मेहंदीरत्ता, ब्रिगेडियर के जी बहल , क्रांति कुकरेती, पुष्पलता सिलवाणा, अंबुज शर्मा, प्रभात डंड्रियाल, मोहन खत्री, चंद्रकिरण राणा, हरि सिंह महर, राजेंद्र इस्टवाल, हीरा सिंह नेगी, प्रदीप कांबोज, आकाशदीप, राकेश भट्ट, यशवंत सिंह जंगपांगी आदि लोग उपास्थित थे।

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