उत्तराखंड: 17 JULY 2026, शुक्रवार को देहरादून। आज देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इसी क्रम में देहरादून स्थित पुनर्विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) तथा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।
इस दौरान उत्तराखंड मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का उत्तराखण्ड की जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर्रावाला रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह स्टेशन दून घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करता है। स्टेशन परिसर में पारंपरिक ऐपण कला को स्थान देकर आधुनिकता और संस्कृति का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया गया है, जबकि अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और आरामदायक बनाएंगी।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण, सुरक्षा, गति और तकनीकी दक्षता में निरंतर वृद्धि हुई है तथा वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक, स्वदेशी ट्रेनें आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान बनकर उभरी हैं।
उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 75 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। यह परियोजना राज्य के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
साथ ही मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पुनर्विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित उत्तराखण्ड के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
इस अवसर पर उत्तराखंडराज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), जनप्रतिनिधिगण, भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।