पाबौ का भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह बना मिसाल

पौड़ी- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर पलायन पर अंकुश लगाने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन प्रयासों का सकारात्मक उदाहरण विकासखंड पाबौ का भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह है, जो पिछले पांच वर्षों से पोल्ट्री फार्म का संचालन कर रहा है। समूह से जुड़ी 12 महिलाएं अपने घरेलू कार्यों के साथ पोल्ट्री फार्म में योगदान देकर परिवार की आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
गांव में ही रोजगार का अवसर मिलने से महिलाओं को अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ आजीविका अर्जित करने का अवसर मिल रहा है। समूह का यह प्रयास दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं के सहयोग, सामूहिक भागीदारी और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को मजबूत किया जा सकता है।
भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष सुधीर रावत ने बताया कि ग्राम उत्थान परियोजना के माध्यम से पोल्ट्री फार्म का कार्य शुरू किया गया था। इस व्यवसाय को संचालित करते हुए लगभग पांच वर्ष हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से छह लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया, जबकि मनरेगा के सहयोग से पोल्ट्री फार्म के लिए शेड तैयार किया गया। इससे व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं जुटाने में मदद मिली।
ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह पोल्ट्री फार्म का संचालन बेहतर ढंग से कर रहा है। समूह को परियोजना के माध्यम से छह लाख रुपये तथा बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे व्यवसाय शुरू करने में सहायता मिली।
भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने और पलायन को कम करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों का उदाहरण है। इस प्रकार के स्वरोजगार ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित करने के साथ ही गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक हो सकते हैं।