जनसमस्याओं पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश

जलभराव की समस्या पर यूयूएसडीए को फटकार, तत्काल ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश

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 उत्तराखंड: 22 AUG. 2026, देहरादून / राजधानी स्थित देहरादून के बालावाला एवं गूलर घाटी क्षेत्र में वर्षों से लंबित जनसमस्याओं और विभागीय लापरवाही पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण के दौरान सिंचाई नहर की सफाई न होने, सुरक्षा व्यवस्था में चूक और सीवर निर्माण में लापरवाही पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई तथा मौके पर ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों एवं किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।

स्थानीय किसानों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि सिंचाई नहर में लंबे समय से सिल्ट जमा है तथा विगत चार वर्षों से नहर की समुचित सफाई नहीं हुई है। इसके चलते किसानों को कृषि कार्य के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है और फसलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

बालावाला क्षेत्र में हाथी, बाघ एवं आवारा कुत्तों से उत्पन्न जनसुरक्षा की समस्या पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने वन विभाग एवं नगर निगम को तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जंगल से सटे सिंचाई नहर क्षेत्र में रात्रि के समय सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

मियांवाला चौक पर शराब की दुकान के आसपास प्रतिदिन लगने वाले जाम की स्थानीय लोगों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बालावाला घोड़ा फैक्ट्री के समीप सुनसान क्षेत्र में स्थित खेल मैदान का भी निरीक्षण किया। जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पुलिस विभाग को क्षेत्र में नियमित एवं प्रभावी गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों एवं खेल मैदान का उपयोग करने वाले नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

जिलाधिकारी ने गूलरघाटी क्षेत्र का भी स्थलीय निरीक्षण किया। यहां स्थित प्राकृतिक जलस्रोत का जायजा लेते हुए उन्होंने जलस्रोत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इसे रिवर रिजूवनेशन प्रोजेक्ट में शामिल करने के निर्देश दिए।

इस पर जिलाधिकारी ने यूयूएसडीए के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सीवर परियोजना में ड्रेनेज सिस्टम को शामिल नहीं किए जाने पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से व्यवस्थित ड्रेनेज प्लान तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान यूयूएसडीए के अधिशासी अभियंता के मौके पर उपस्थित न रहने को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र देव, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार, राज्य सरकार के दायित्वधारी सांतुनू बिष्ट समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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