न्यूज डेस्क / उत्तराखंड: 31 JULY 2026, प्राप्त जानकारी के मुताबिक नई दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन के दौरान कॉकरोच प्रोटेस्ट में वही, बदतमीजी करने वाले,अपराध करने वाले,तोड़फोड़ करने वालों पर देश भर में एक्शन हो रहा है। इस दौरान लोगों के वीडियो हैं,सोशल मीडिया पर हैं, Facial Recognition से लोग पहचाने जा रहे हैं,और फिर पकडे जा रहे हैं।हजारों के खिलाफ FIR हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक उधर कॉकरोच जनता पार्टी के लोग कह रहे हैं कि सरकार ने उनके साथ किया गया एग्रीमेंट तोड़ा है।जबकि CJP वाले खुद ही कह चुके हैं कि प्रोटेस्ट में कुछ एंटी सोशल एलिमेंट्स भी थे।और वो लोग CJP के नहीं थे।
वहीं CJP वाले तो शुरू में कह रहे थे कि सारे गुंडे बीजेपी वालों ने भेजे थे। उन्होने ही तोड़ फोड़ की,गाड़िया तोड़ी,आदि आदि.ऐसे में अगर पुलिस ऐसी एन्टी सोशल एलिमेंट्स के खिलाफ एक्शन ले रही है,तो इन्हे दर्द क्यों हो रहा है?
दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात… दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट आई है,रिपोर्ट में पाया गया कि कुल 2873 लोगों को पुलिस ने चिन्हित किया है।यह सभी लोग जंतर मंतर और आस पास के इलाके में तोड़ फोड़ और असामाजिक कृत्य करते पकडे गए हैं। सबूतों के साथ इनमे से 989 लोग पहले से ही गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रह चुके थे।मतलब कॉकरोचो के आंदोलन में अपराधियों की भरमार थी।
जानकारी के मुताबिक इनमें 101 लोगों पर हत्या के मामले,62 पर हत्या के प्रयास के मामले,284 पर डकैती या लूट के मामले,61 पर बलात्कार के मामले,6 पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामले,25 पर छेड़छाड़ के मामले,229 पर आर्म्स एक्ट के तहत मामले,135 पर झपटमारी के मामले,19 पर अपहरण के मामले और 67 पर एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत मामले दर्ज थे।
वही, जानकारी के मुताबिक हत्या के मामलों से जुड़े 101 लोगों में से 42 के खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे,जबकि 12 लोगों के खिलाफ 10 या उससे अधिक मामले दर्ज थे।हत्या के प्रयास के 62 आरोपियों में से 25 के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे। इसी तरह,डकैती और लूट के मामलों से जुड़े 284 लोगों में से 155 के खिलाफ कम से कम दो आपराधिक मामले दर्ज थे,जबकि 31 लोगों के खिलाफ 10 या उससे अधिक मामले दर्ज थे। बलात्कार के 61 आरोपियों में से 8 के खिलाफ भी पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
हाँ.. विपक्ष और CJP वाले चाहे तो Gen Z के नाम पर इन अपराधियों के बचाव के लिए नया आंदोलन खड़ा कर सकती है। अब Gen Z हैं… थोड़े बहुत अपराध कर दिए तो क्या ही हो गया।गरम खून है जी,प्रतिक्रिया है जी,फलाना है जो,ढिकाना है जी. ऐसा बोलने वाले भतेरे मिल जाएंगे। ये छात्र हैं ? ये मासूम बच्चे हैं ?..सरकार ने कहा था कि निर्दोष छात्रों पर कोई एक्शन नहीं होगा।यहाँ तो आदतन अपराधी हैं बड़े स्तर पर,इन्हे थोड़ी छोड़ेगी सरकार… विपक्ष और CJP वाले कोर्ट का रास्ता चुन सकते हैं,लेकिन वहां भी सबूत दिए जाएंगे।