SBI के खराब प्रदर्शन पर भड़के डीएम,गरीबों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं

Spread the love

उत्तराखंड: 25 JUNE 2026,  गुरुवार को देहरादून / राजधानी स्थित आज  गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (क्स्त्ब्) और जिला सलाहकार समिति (क्ब्ब्) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए देहरादून  जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि बैंक जनता के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करें और रोजगारपरक योजनाओं को धरातल पर उतारकर जिले के विकास में अपनी सार्थक भूमिका निभाएं।

इस दौरान देहरादून जनपद के डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों  की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी, ष्लोगों को बेवजह परेशान करना लापरवाही का प्रतीक है। बैंक अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाएं, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

बैठक में जिलाधिकारी ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों  को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऋण वितरण, निवेश और फाइनेंसिंग के नाम पर तमाशा खड़ा न किया जाए। आरबीआई के नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित होना चाहिए। संवेदनशील रुख अपनाते हुए डीएम ने कहा कि अगर किसी भी गरीब को कर्ज के जाल में फंसाकर, उसका घर नीलाम कर उसे सड़क पर आने के लिए मजबूर किया गया, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। ऋण वितरण में किसी भी अनियमितता के कारण यदि जिले में कहीं भी कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, तो प्रशासन सख्त से सख्त कदम उठाएगा।

बैठक से गायब रहे बंधन, इंडसइंड और आईडीएफसी बैंक को शो-कॉज नोटिस
समीक्षा बैठक को गंभीरता से न लेने और नदारद रहने वाले बैंकों पर भी गाज गिरी है। बैठक में बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक और आईडीएफसी बैंक का कोई भी प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। इसके अलावा कुछ अन्य बैंकों के मुख्य प्रबंधक भी गायब रहे। इस घोर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए इन सभी को तत्काल श्कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।


जिले के क्रेडिट डिपॉजिट  रेशियो की समीक्षा के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया  की बेहद लचर परफॉर्मेंस सामने आई। जिले में एसबीआई का सीडी रेशियो सबसे कम मात्र 21.73 प्रतिशत रहा, जबकि कृषि क्षेत्र में 277.50 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले बैंक सिर्फ 28.53 प्रतिशत ऋण ही बांट सका। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कहा, ष्जिले के लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा जिले के ही विकास कार्यों में लगना चाहिए। जो बैंक यहाँ के लोगों से पैसा जमा कराकर उसे बाहर निवेश कर रहे हैं, उन्हें जिला प्रशासन का कोई सहयोग नहीं मिलेगा। अच्छा काम करने वाले बैंकों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया।

स्वरोजगार योजनाओं के आवेदन लटके तो खैर नहीं, अस्वीकृति का देना होगा स्पष्ट कारण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं जैसे-पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण व शहरी आजीविका मिशन के तहत आए आवेदनों को बैंक पेंडिंग न रखें। पात्र लोगों को बिना देरी किए लोन आवंटित किया जाए।
डीएम ने निर्देश दिए कि लोन रिकवरी के लंबित मामलों में बैंकों को संबंधित तहसीलों से तालमेल बनाकर काम करने को कहा गया।
इस दौरान बैठक में देहरादून जनपद के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, लीड बैंक अधिकारी संजय भोटिया, आरबीआई के एलडीओ अवनेश्वर सिंह, नाबार्ड के डीडीएम प्रदीप राम सहित विभिन्न विभागों और बैंकों के जिला व शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.