बीकेटीसी में ‘जुगाड़ नहीं, फुलटाइम अफसर चाहिए’-नेगी
उत्तराखंड: 30 MARCH 2026, सोमवार को देहरादून / राजधानी स्थित आज श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में सीईओ की स्थायी नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। चारधाम यात्रा से पहले सरकार ने रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं कि वे जिला संभालेंगे या समिति।
सोशल एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी ने ‘कामचलाऊ’ व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बीकेटीसी में पूर्णकालिक, योग्य अफसर (वरिष्ठ पीसीएस/आईएएस) की नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने कहा कि समिति में सीईओ समेत कई अहम पद खाली हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
चारधाम यात्रा को देखते हुए सरकार ने इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को सौंपी है। सवाल उठ रहे हैं कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को संभालेंगे या बीकेटीसी का कार्यभार। इसके बावजूद समिति में कई अहम पद अब भी रिक्त है। सोशल एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी का कहना है कि राज्य सरकार के पास अफसरों की फौज है।
नेगी ने आरोप लगाया कि नियमों में ढील देकर कम योग्य व्यक्ति को सीईओ बनाने की कोशिश हो रही है, जो भविष्य में अव्यवस्था पैदा कर सकती है। उन्होंने अन्य श्राइन बोर्डों की तरह अनुभवी आईएएस अधिकारी की तैनाती पर जोर दिया और चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर विरोध किया जाएगा।
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है, ऐसे में बीकेटीसी में प्रशासनिक रिक्तियां और नेतृत्व की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। इसके बावजूद बीकेटीसी में सीईओ पद को लेकर उठे विवाद और प्रशासनिक रिक्तियों ने सुविधाओं और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि विशाल मिश्रा के पास अब दोहरी जिम्मेदारी है, रुद्रप्रयाग की कलेक्टरी और बीकेटीसी का सीईओ। केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग में स्थित है, जहां इस समय सबसे अधिक यात्री पहुंच रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या एक अधिकारी दोनों पदों को प्रभावी ढंग से संभाल पाएंगे, खासकर जब बदरीनाथ चमोली जिले में है। कई अधिकारी इस पद पर तैनाती से कतराते दिख रहे हैं। बीकेटीसी में केवल सीईओ पद ही नहीं, एडिशनल सीईओ, डिप्टी सीईओ, कार्याधिकारी (केदारनाथ) जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद भी रिक्त हैं। वहीं, मंदिर एक्ट में संशोधन कर उपाध्यक्ष के दो पद सृजित किए और पार्टी नेताओं को नियुक्त किया, लेकिन प्रशासनिक रिक्तियों को भरने में गंभीरता नहीं दिख रही।
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना अधिकार के तहत बीकेटीसी बोर्ड की 9 जुलाई 2025 की बैठक के प्रस्तावों की जानकारी ली। बोर्ड ने सीईओ की अर्हताओं में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया, जिसमें 2023 की सेवा नियमावली में निर्धारित प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी की अनिवार्यता को “एकांगी” और “अनुकूल नहीं” बताते हुए हटाने की बात कही गई।