जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज में सड़क सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार पर कार्यशाला आयोजित

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को सिखाए दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद और सीपीआर के व्यावहारिक तरीके
पौड़ी- गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, घुड़दौड़ी में गुरुवार को सड़क सुरक्षा एवं प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता प्रशिक्षण पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं युवाओं को सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की सहायता करने, प्राथमिक उपचार देने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई करने के तरीके बताए गए।
आरटीओ विमल पांडेय एवं एआरटीओ मंगल सिंह ने प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात संकेतों और वाहन संचालन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने गुड समैरिटन कानून के संबंध में जागरूक करते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले नेकदिल नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि लोग बिना किसी भय के दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की सहायता के लिए आगे आ सकें।
इस दौरान प्रतिभागियों को राह-वीर योजना एवं पीएम राहत योजना के प्रावधानों और इनके तहत उपलब्ध सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। आम नागरिकों की जागरूकता और तत्परता से घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलशन ने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति की स्थिति का आकलन करने, आपातकालीन सहायता बुलाने तथा आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपातकालीन स्थिति में सही समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार जीवनरक्षक साबित हो सकता है। साथ ही, सीपीआर जैसी जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी और उनका सही अभ्यास होने से गंभीर परिस्थितियों में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें दुर्घटना के समय जिम्मेदारीपूर्वक सहायता करने और प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार करना रहा। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता के लिए संवेदनशीलता और तत्परता दिखाने की अपील की।