मुख्य सचिव के निर्देश—
न्यूनतम 10 क्लस्टरों का चरणबद्ध विकास किया जाए।
ड्रैगन फ्रूट, कीवी एवं सेब उत्पादन में कम- से – कम 30 प्रोग्रेसिव किसानों को तैयार किया जाए।
उच्च उत्पादकता वाली वैरायटी का चयन कर वैज्ञानिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जाए।
योजनाओं में औपचारिकता के स्थान पर धरातल पर स्पष्ट परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, फील्ड डेमो एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
क्लस्टर विकास से संबंधित समस्त गतिविधियों का फोटो/वीडियो दस्तावेजीकरण कर जायका पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
इस दौरान बैठक में उद्यान विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रदेश में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु न्यूज़ीलैंड से आई 5 विशेषज्ञ टीम द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर तकनीकी सुझाव व सहायता दी जा रही हैं। वहीं, एप्पल मिशन एवं अति सघन बागवानी योजना के अंतर्गत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उन्नत किस्मों, पौध गुणवत्ता उन्नयन एवं बाजार-उन्मुख उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में प्रमुख सचिव एल एल फैनई, सचिव उद्यान एवं प्रसंस्करण एस एन पांडेय, अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट व हिमांशु खुराना, वाइस चांसलर भरसार विश्वविद्यालय परविंदर कौशल सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
