उत्तराखंड: 08 April 2026, बुधवार को देहरादून / राजधानी स्थित आज मा० मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों पर संपूर्ण राज्य में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रो में संदिग्धों की तलाश हेतु व्यापक स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में दिनांक 07/04/2026 की रात्रि में ऋषिकेश पुलिस द्वारा जंगलात बैरियर के पास संदिग्ध वाहन/ व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी, चेकिंग के दौरान रानीपोखरी की तरफ से आती हुई एक कार को पुलिस टीम द्वारा रुकने का इशारा किया गया तो कार चालक द्वारा पुलिस टीम को चैकिंग करता देख वाहन को मोड़कर भगाने का प्रयास किया गया, संदिग्धता प्रतीत होने पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल कंट्रोल रूम के माध्यम से उक्त वाहन की धरपकड़ हेतु सूचना प्रसारित करते हुए सरकारी वाहन से उक्त कार का पीछा किया गया। भागने के दौरान उक्त वाहन काली मंदिर से पहले मोड पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पिलर से टकरा गया तथा कार चालक कार से तेजी से निकलकर जंगल की ओर भागने लगा, जिसका पुलिसकर्मियों द्वारा पीछा करने पर उसके द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया।
मौके पर पुलिस टीम द्वारा सूझबूझ दिखाते हुए की गई त्वरित कार्रवाई से पुलिस टीम द्वारा उक्त बदमाश को मौके पर दबोच लिया, जिसके पास से पुलिस को एक 315 बोर का तमंचा, 01 जिंदा तथा 01 खोखा कारतूस बरामद हुआ। अभियुक्त से पूछताछ में उसके द्वारा अपना नाम इमरान पुत्र इदरीश निवासी ग्राम सुडाका थाना व जिला नूह, हरियाणा, उम्र 22 वर्ष बताया तथा पूर्व में ऋषिकेश क्षेत्र से अपने साथी के साथ मिलकर वाहन चोरी की घटना को अंजाम देना तथा आज दोबारा चोरी की घटना के लिए रैकी करने आना बताया। अभियुक्त के कार की तलाशी में उसमें से हरियाणा नंबर की एक नंबर प्लेट बरामद हुई, जिसके संबंध में जानकारी करने पर अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा अपनी कार की ओरिजिनल नंबर प्लेट को निकाल कर उसमें एक फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार करते हुए उसके विरुद्ध कोतवाली ऋषिकेश पर पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने व अवैध अस्लेह की बरामदगी के संबंध में धारा- 109/340 BNS तथा 3/5 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
पूछताछ के विवरण :- पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया की उसके द्वारा अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर ऋषिकेश क्षेत्र से डंपर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसे वह अपने साथी के साथ चोरी कर ऋषिकेश से मेवात लेकर गया था। आज पुनः अभियुक्त वाहन चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए रैकी करने ऋषिकेश आ रहा था
परंतु पुलिस टीम को चैकिंग करता देख पकड़े जाने के डर से उसके द्वारा वाहन को मोड़कर भगाने का प्रयास किया गया परंतु पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर उसके द्वारा पुलिस को डराने की नीयत से उन पर फायर किया गया था। अभियुक्त द्वारा पुलिस से बचने के लिए अपनी गाड़ी में फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया गया था। अभियुक्त से पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आए उसके साथी की गिरफ्तारी व घटना में चोरी किए गए डम्पर की बरामदगी के प्रयास किये जा रहे हैं।