आज पहले सोमवार को पूरा वातावरण शिवमय: जानें सावन का शुभ संयोग, महत्व !

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देहरादून/उत्तराखण्ड: 10 JULY .. 2023:  श्रावण सावन का महीना महादेव को समर्पित है। सावन का पहला सोमवार शिवभक्तों के लिए खास माना गया है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।  वही इस सोमवार को सावन का पहला सोमवार आज 10 जुलाई 2023 को सभी शिवालयों में उमड़ा भक्तो का सैलाबं सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से वैवाहिक जीवन सुखद होता है।

इस दिन भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के प्रयास करते है। वही आज सुबह से ही देशभर के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। इस दिन फल, फूल और बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान भोलेनाथ अति प्रसन्न होते है।  अगर कुछ भी ना हो तो सावन के  सोमवार को धार्मिक मान्यता है कि शिव जी को मात्र एक लोटा जल से भी प्रसन्न किया जा सकता है।  इसी माह में कांवड़ यात्रा का आयोजन होता है! और सुहागिन व युवतियां भगवान भोले को प्रसन्‍न करने के लिए सोमवार के व्रत करती हैं। इस वर्ष सावन माह 4 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। वहीं खास बात यह है कि इस बार सावन  में 8  सोमवार पड़ेंगे।

 आइए जानते हें सावन के पहले सोमवार की पूजा- विधि, महत्वसावन में शिवलिंग का जलाभिषेक खड़े होकर न करें। शिव जी को बैठकर जल चढ़ाना चाहिए, जल चढ़ाने के लिए तांबे के लौटे का ही इस्तेमाल करें।  जो लोग पैकेट वाले दूध से शिव जी का अभिषेक करते हैं वह चांदी या पीतल के लौटे का उपयोग करें, इसके लिए तांबे के लौटे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

सावन के पहले सोमवार को बन रहे शुभ संयोग- सावन के पहले सोमवार सुकर्मा योग का शुभ संयोग बन रहा है। सुकर्मा योग दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से शुरू होगा। ज्योतिष शास्त्र में सुकर्मा योग को अत्यंत शुभ माना गया है। वही  इस वर्ष सावन माह 4 जुलाई 2023  से शुरू होने जा रहा है। वहीं खास बात यह है कि इस बार सावन 59 दिन का होने वाला है जिसमें 08 सोमवार पड़ेंगे। साल 2023 में अधिक मास के दिनों का समायोजन सावन माह में हो रहा है।

सावन के सोमवार का महत्व-  सावन के सोमवार का बहुत अधिक महत्व होता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। सोमवार का व्रत करने से भगवान शंकर की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सावन का महीना भगवान शिव को अतिप्रिय होता है, जिस वजह से इस माह के सोमवार का महत्व सबसे अधिक होता है।

सावन सोमवार पूजा- विधि:उ नकी पूजा में सफेद आक के फूल जरुर चढ़ाना चाहिए. इसे, आंकड़ा, अर्क और अकौआ के नाम से भी जाना जाता है. भगवान भोलेनाथ को सावन में ये फूल अर्पित करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। .

सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
शिवलिंग में गंगा जल और दूध चढ़ाएं।
भगवान शिव को पुष्प अर्पित करें।
भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित करें।
भगवान शिव की आरती करें और भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
भगवान शिव का अधिक से अधिक ध्यान करें।

भगवान शिव की पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री- पुष्प, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें,तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री आदि।

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