इस बार के बजट में तो यह वास्तव में अच्छे दिन की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा,

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न्यूज डेस्क / उत्तराखंड: 01 FEB.2026, रविवार को देहरादून ।  आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत बजट 2025.26 पेश किया गया। वही जिसमें यह सीतारमण का 9वां बजट था। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025, रविवार को   केंद्रीय बजट 2025-26 संसद में पेश किया। इस बजट को विकास-उन्मुख और समावेशी आर्थिक रणनीति के रूप में बताया गया।बजट में मध्यम वर्ग, कृषि, MSMEs, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के लिए विस्तृत योजनाएँ शामिल हैं।

  • बजट 2026 में रोज़मर्रा के सामान जैसे जूते, बैटरी और माइक्रोवेव ओवन की कीमतों में कमी की घोषणा की गई है
  • सीएनजी और बायोगैस ईंधन की कीमतें घटाने से वाहनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को आर्थिक राहत मिलेगी
  • कैंसर और सात दुर्लभ बीमारियों की दवाओं की कीमतें कम कर मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिली है

   केंद्रीय बजट में अनुमानित राजस्व और खर्च आय एवं व्यय परियोजनाएँ शामिल हैं — जिनमें कर नीति से लेकर पूंजीगत खर्च तक प्रमुख घोषणा शामिल हैं। वही इस बजट में मैन्युफैक्चरिंग, MSME, कृषि, बायोफार्मा, और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर प्रमुख घोषणाएँ की गईं।  साथ ही इस बजट में वहीं, वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मांग को संतुलित करने की दिशा में भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं।वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अब ‘विकसित भारत’ की दिशा में विश्वास से भरे कदम आगे बढ़ा रहा है और यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी.बजट 2026 में आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालने वाली बड़ी घोषणाएं सामने आई हैं।

सरकार ने जूते, बैटरी और माइक्रोवेव ओवन जैसे रोज़मर्रा के इस्तेमाल होने वाले सामान को सस्ता कर दिया है, जबकि कई चीज़ों पर बढ़े हुए टैक्स की वजह से उनकी कीमतें अब जेब ढीली कर सकती हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में आम लोगों को राहत देने के लिए सीएनजी और बायोगैस को सस्ता करने की घोषणा की है. इससे सीएनजी वाहनों का उपयोग करने वाले लाखों वाहन मालिकों के लिए ईंधन खर्च में सीधी बचत होगी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को भी राहत मिलेगी.

साथ ही विकास, लोगों की आकांक्षाएं और सबका साथ सबका विकास, बजट में रोजगार, स्वास्थ्य, निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया है। हालांकि, इस बार के बजट में विदेशी यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा के लिए टीसीएस (TCS) की दरों में कमी की गई है।   इसके साथ ही 17 एंटी-कैंसर दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट दी गई है।  बजट में यह भी घोषणा की गई कि भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों की विदेश से होने वाली आय पर अब कर नहीं लगेगा। साथ ही केंद्रीय बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का आवंटित किया गया है।

 जानकारी के अनुसार  इस बार के बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है और न ही आयकर छूट को लेकर कोई नई घोषणा की गई।  सरकार ने पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।  बजट में एमएसएमई, हाई-स्पीड रेल, बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, आयुष संस्थान और मेडिकल टूरिज्म हब्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बड़े और रणनीतिक निवेश की घोषणाएं की गई हैं।

इसके साथ   किसानों के लिए बहुभाषी एआई टूल शुरू करने और छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमेटेड टैक्स प्रक्रिया लागू करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।  इसके अलावा NIMHANS 2.0, तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश सीमा पर बर्ड वॉचिंग ट्रेन, तथा कई सामाजिक और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कदमों की भी घोषणा बजट में की गई है।

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