यह पर्व देश की समृद्ध कृषि परंपरा और किसानों के परिश्रम का प्रतीक है,डॉ. आंबेडकर जयंती एवं बैसाखी पर्व की बधाई-राज्यपाल /मुख्यमंत्री

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उत्तराखंड : 13 April 2026, सोमवार को देहरादून / राजधानी स्थित लोक भवन में आज   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि बाबा साहेब सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने अपना जीवन वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया।

 उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। भारतीय संविधान के निर्माण में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।

 राज्यपाल ने बैसाखी के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश में कहा कि बैसाखी उमंग, उत्साह और खुशहाली का पर्व है, जो समाज में सौहार्द और एकता का संदेश देता है। यह पर्व देश की समृद्ध कृषि परंपरा और किसानों के परिश्रम का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि बैसाखी का दिन सिख पंथ के लिए भी विशेष महत्व रखता है। इसी दिन दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, जो साहस, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। राज्यपाल ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।

साथ ही  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को ‘बैसाखी’ पर्व की बधाई व शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बैसाखी हर्ष और उल्लास के साथ उत्साह व भाईचारे का पर्व है। उन्होंने कहा कि नई फसल के कटने से जुड़ा यह पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं तथा किसान व कृषि संस्कृति का भी परिचायक है। यह पर्व लोक आस्था एवं समृद्धि का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शान्ति व समृद्धि की भी कामना की है।

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