उत्तराखंड: 12 FEB.2026, गुरुवार को देहरादून / राजधानी स्थित उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री प्रेम सिंह खिमाल जी के निर्देशानुसार 12 फरवरी 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी द्वारा खाद्य विभाग, देहरादून के साथ जनपद देहरादून में कांवली रोड स्थित गोयल डेयरी का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें श्री आर०एस० रावत, डिप्टी कमीश्नर गढ़वाल क्षेत्र, खाद्य विभाग, श्री बी०एस० बिष्ट, डिप्टी कमीश्नर, नोडल ऑफिसर, लैब, खाद्य विभाग, श्री मनीष सिंह सयाना, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, देहरादून, श्री रमेश सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी (नगर निगम) देहरादून उपस्थित रहें।
निरीक्षण से पूर्व अमरीक हॉल के निकट गुरु गोविन्द सिंह चौक, रेस कोर्स, देहरादून में खाद्य विभाग, देहरादून द्वारा फूड सेफ्टी ऑन व्हील (एफ०एस० डब्ल्यू०) गाडी की भी जानकारी ली गयी। एफ०एस०डब्ल्यू० के सम्बंध में खाद्य विभाग की टीम द्वारा बताया गया कि भारत सरकार द्वारा यह गाडी विभाग को चार दिन के लिये उपलब्ध है और आज अंतिम दिन में भी इससे पूर्ण लाभ लेते हुए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाता है। इसके माध्यम से आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्रियों के उपयोग करने के साथ उनकी गुणवत्ता के सम्बंध में भी जागरूक किया जाता है।
साथ ही उक्त गाडी में कुछ ही समय में लिये गए सैम्पल के नतीजों से जानकारी मिल जाती है तथा उससे लोगों को अवगत कराया जाता है। इससे लोगों को उनके द्वारा उपयोग में ली गयी खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता की जानकारी मिलती है, जिससे उपभोक्ता सही दुकान एवं ब्रांड के सामान के प्रति भी जागरूक होता है।
वही इस निरीक्षण में पाया गया कि रेस कोर्स के स्थानीय निवासी भी अपने-अपने घरों के खाद्य सामग्रियों को जांच के लिये खाद्य विभाग के समक्ष रख रहे हैं, जिसके उपरांत फूड सेपटी ऑन व्हील (एफ०एस० डब्ल्यू०) गाडी में मौजूद उपकरणों एवं रसायनों की सहायता से सैम्पल जैसे दूध, मसाले, अनाज आदि की जांच की जाती है। यह भी बताया गया कि विगत तीन दिनों में मसालों में स्टार्च की मिलावट और दूध में फैट की कमी मिली, किन्तु यूरिया किसी भी खाद्य सामग्री में नहीं मिला।
एक स्थानीय निवासी और पार्षद से बातचीत करने पर उनके द्वारा निरीक्षण टीम को इस अभियान के लिये धन्यवाद देते हुए बताया कि स्थानीय लोग इस तरह के निरीक्षण में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसके उपरांत कांवली रोड, देहरादून स्थित गोयल डेयरी का औचक निरीक्षण किया गया। वहां बनने वाले डेयरी के सामानों जैसे दूध, दही, मावा, पनीर आदि की गहनता से जांच की गयी।
निरीक्षण में पनीर सख्त मिला, दही में बाल, रेशे, मिट्टी और कोकरोच के छोटे बच्चे मरे मिले, दूध में मुरे मच्छर, बाल, रेशे, मिट्टी सतह पर मिली। वहां मौजूद आशीष गोयल और उसके कर्मचारियों को ऐसी लापरवाही पर कड़ी आपत्ति के साथ सख्त निर्देश दिये। निरीक्षण में पाया गया कि दूध को छाना नहीं जाता है और दही को बोरियों से ढका जाता है। साथ ही निरीक्षण टीम द्वारा दूध, दही, पनीर और मावा के सैम्पल जांच हेतु लिये गए।
साथ ही इस निरीक्षण टीम द्वारा फॉर्म VA नोटिस गोयल डेयरी, कांवली रोड, देहरादून को दिया गया और कुल 25 किलो दही मौके पर नष्ट किया गया।
इस दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करी जायेगी। संबंधित फर्मों को तत्काल नोटिस जारी किये गए हैं तथा उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही आरंभ कर दी गयी है। निर्धारित समयावधि में सुधार न पाये जाने की स्थिति में लाईसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्यवाही भी की जायेगी। जन स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
