उत्तराखंड: 06 April 2026,सोमवार को देहरादून । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और देश की राजधानी दिल्ली के बीच सफर अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान होने जा रहा है। करीब 210 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे तैयार हो चुका है, यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सीधे जोड़ता है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 14 अप्रैल को देहरादून से प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन के बाद यह एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर, जो पहले 5–6 घंटे लेता था, अब केवल 2 से 2.5 घंटे में पूरा हो सकेगा।
करीब 210 किमी लंबा यह अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सीधे जोड़ता है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर, जो पहले 5–6 घंटे लेता था, अब सिर्फ 2 से 2.5 घंटे में पूरा हो सकेगा ।इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर, जो पहले 5 से 6 घंटे में पूरा होता था, अब महज 2 से 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और समय की बचत के साथ सफर भी आरामदायक बनेगा।
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात इसका ग्रीन कॉरिडोर है । लगभग 12 किमी लंबा एलिवेटेड सेक्शन जंगल के ऊपर बनाया गया है, खासतौर पर राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में, ताकि वन्यजीवों के रास्ते में कोई बाधा न आए। इस परियोजना के शुरू होने से न केवल परिवहन आसान होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। देहरादून, मसूरी और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अब और भी आसान हो जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यह एक्सप्रेसवे सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बागपत जैसे शहरों को भी जोड़ता है, जिससे पूरे उत्तर भारत में यात्रा और आसान हो जाएगी। इसमें 100 से ज्यादा अंडरपास, कई रेलवे ओवरब्रिज और लंबी सर्विस रोड बनाई गई हैं।
करीब 11,970 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि विकास की नई रफ्तार है। इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे
जल्द ही इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने वाला है, जिसके बाद लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
यह एक्सप्रेसवे आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से युक्त है। इसमें बेहतर लेन व्यवस्था, हाई-स्पीड ट्रैफिक के लिए डिजाइन, सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान और हरियाली को बनाए रखने के लिए इको-फ्रेंडली उपाय शामिल किए गए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा।