इस दौरान सीएम धामी धामी ने बैठक में ऋषिकेश बाईपास, अल्मोड़ा-दन्या-पनार-घाट मार्ग, ज्योलिकोट-खैरना-गैरसैंण-कर्णप्
बैठक में राज्य की प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं पर हुई चर्चा में बताया गया कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना-राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-07 के अंतर्गत तीनपानी से योगनगरी होते हुए खारास्रोत तक 12.67 किमी लंबाई में चार लेन बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही काण्डा से बागेश्वर खंड (पैकेज-02) के लिए वनभूमि हस्तांतरण प्रस्ताव पर भारत सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है।
चारधाम यात्रा को सुगम, सुलभ एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्गों पर 12,769 करोड़ रुपये की चारधाम महामार्ग परियोजना स्वीकृत की गई है। उत्तराखण्ड में कुल 3,723 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क राज्य को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ रहा है।
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के अंतर्गत गणेशपुर-देहरादून खंड में लगभग 30 किमी लंबा छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे विकसित किया गया है, जिसमें सुरंग और 18 किमी लंबा एलिवेटेड सेक्शन भी शामिल है। इस परियोजना पर 1,995 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। वहीं रुद्रपुर-काशीपुर बाईपास तथा हरिद्वार से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधे जोड़ रहे हैं।
सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य में ब्लैक स्पॉट सुधार, क्रिटिकल जंक्शनों पर एक्सेस कंट्रोल, प्रभावी साइनेज और आधुनिक रोड सेफ्टी उपाय लागू किए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ऑपरेशन और मेंटेनेंस परियोजनाओं के माध्यम से सड़कों को वर्षभर सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, श्री हर्ष मल्होत्रा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
