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जब हमारें, जब पुरखों ने दी कुर्बानी तब मिल पाईं आजादी-डा.अतुल शर्मा

"धरोहर" मॆं देश भक्ति गीतों व जयगीतों के साथ गणतंत्र दिवस मनाया।

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उत्तराखंड: 27 Jan.2026, मंगलवार को देहरादून / राजधानी स्थित वाणी विहार में  उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा गणतंत्र दिवस की शुभ संध्या पर जनक वि अतुल शर्मा के आवास वाणी विहार “धरोहर” मॆं देश भक्ति गीतों व जयगीतों के साथ गणतंत्र दिवस मनाया। इस काव्य गोष्ठी मॆं मुख्यतः पार्षद रणबीर सिंह बरगली , रविन्द्र जुगरान , डा॰ अतुल शर्मा , रंजना शर्मा द्वारिका बिष्ट , राधा तिवारी , अरुणा थपलियाल , रेखा शर्मा , जगमोहन सिंह नेगी , रामलाल खंडूड़ी , पूरण सिंह लिंगवाल , प्रदीप कुकरेती , पत्रकार साथी मंगेश कुमार एवं सोमपाल  सिंह के साथ ही मनीष नैनवांल उपस्तिथ रहें।

इस दौरान  कविता पाठ एवं चर्चा की अध्यक्षता राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी एवं संचालन जनकवि डा. अतुल शर्मा एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी पूरण सिंह लिंगवाल द्वारा किया गया।

वही, पूर्व राज्य मन्त्री रविन्द्र जुगरान ने स्वतंत्रता संग्राम सैनानी उनकी कविता को पढ़ा एवं क्षेत्र के पार्षद विक्रम सिंह बरगली ने सरस्वती वंदना गाकर कहा क़ि भारत मॆं पहले आजादी को लेकर जो संघर्ष किया और उसके बाद हमारें राष्ट्र ने अपने संविधान को लागू किया जो पूरी दुनिया मॆं अपनी अलग पहचान बनाई। हमारा देश लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा हैं। डा॰ अतुल शर्मा ने बताया क़ि 26 जनवरी 1945 मे को हमारें पिता राष्ट्रीय कवि श्रीराम शर्मा दिल्ली मे गिरफ्तार हुए थे। हमें इस बात का गौरव हैं क़ि वह महान महान स्वतंत्रता सेनानी व राष्ट्रीय कवि की संतान हैं।

उन्होंने जनकवि बल्ली सिंह चीमा की … लें मसाले चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के … एवं अपने पिता की लिखीं हुई पंक्तियों को सुनाया। द्वारिका बिष्ट एवं राधा तिवारी के साथ अरुणा थपलियाल ने मिलकर हम होंगे कामयाब हम होंगे कामयाब …. एवं हम लाएं हैं तूफान किश्ती निकाल के … रामलाल खंडूड़ी ने श्रीराम शर्मा की तुम स्वतंत्रता के लियॆ लड़े मिल गई तुम्हें , अब सम्मानता के लड़ो मिल जायेगी … एवं प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती द्वारा जब हमारें पुरखों ने किया संघर्ष तो मिल पाई आजादी , जब पुरखों ने दी कुर्बानी तब मिल पाईं आजादी …
अन्त मॆं सभी मिलकर अतुल शर्मा की लिखीं पंक्तियों को सुर ताल के साथ ताली बजाकर गाया ..जागो रें जागो जागो रें जागो लड़ के लेंगे भीड़ के लेंगे …इसे गाने के बाद भारत माता की जय और जय हिन्द के उदघोष के साथ एक दूसरे को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।

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