शैलाटांग विजय पर सब लोगों ने अपनी पुरानी यादें ताजा करी!

3 पैराशूट बटालियन स्पेशल फोर्स का शैलाटांग विजय दिवस मनाया,3 PARA (SF) का गौरवशाली इतिहास!

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उत्तराखण्डः 07 NOV. 2024, ब्रहस्पतिवार को देहरादून / राजधानी स्थित 7 नवंबर 1947 को शेलाटांग दिवस मनाया जाता है, जब 1 कुमाऊं ने 7 लाइट कैवेलरी की टुकड़ी के साथ शेलाटांग शहर में पहुंचकर पाकिस्तानी कबायलियों और मिलिशिया के साथ निर्णायक लड़ाई लड़ी थी, ताकि शहर को पाकिस्तान के कब्जे से वापस हासिल किया जा सके। इस उपलब्धि के लिए, इसे शेलाटांग का युद्ध सम्मान और उसके बाद पुंछ का युद्ध सम्मान और जम्मू और कश्मीर का थिएटर सम्मान दिया गया।

3 PARA (SF) का गौरवशाली इतिहास : –
1 कुमाऊं को बाद में प्रथम बटालियन, रसेल ब्रिगेड नाम दिया गया और फिर इसे 3 पैरा के रूप में एयरबोर्न रोल में परिवर्तित कर दिया गया और बाद में 3 पैरा (एसएफ) के रूप में विशेष बल की भूमिका में परिवर्तित कर दिया गया, जिसे “रसेल वाइपर” उपनाम दिया गया और इसे रेगिस्तान युद्ध के लिए प्रशिक्षित और विशेषज्ञ बनाया गया।

शैलाटांग नामक स्थान पर लड़ी गई थी इस लड़ाई में 3 पैरा बटालियन ने 1947 और 48 में श्रीनगर को दुश्मन के से बचाया और आज हम इस उपलक्ष में उन पुण्य आत्माओं की उन योद्धाओं के नाम से इस विजय दिवस को मनाने जा रहे हैं । उसे युद्ध में हमारी बटालियन ने एक बहुत कम समय में ही एक विजय हासिल किया जो की सुबह हमारी बटालियन ने श्रीनगर में सुबह 9:00 बजे से दुश्मन पर भारी तादाद में हमला करके शाम को 5:00 बजे तक दुश्मनों को सफाया कर दिया । दुश्मन अपने सैनिकों की 500 लाशें छोड़कर भाग गया। इस लड़ाई में बटालियन का नुकसान बहुत कम हुआ यह लड़ाई एक ऐतिहासिक लड़ाई थी जो की बहुत कम समय में जीत लिया गया लड़ाई 7 नवंबर की सुबह 9:00 बजे से और शाम को 5:00 बजे खत्म कर दी गई।

घाटी के ऊपर जो दुश्मन छाया हुआ था उनको समाप्त कर दिया गया बटालियन ने इस लड़ाई को बहुत कम समय में जीत लिया।  जिसके परिणाम स्वरुप हमारी बटालियन को सन 47 और 48 में टोटल 55 पदको से सम्मानित किया गया। सबसे पहले इसमें तीन महावीर चक्र 9 वीर चक्र 21 मेनशन में डिस्पैच 22 बहादुर के सर्टिफिकेट महावीर चक्र विजेता में लेफ्टिनेंट कर्नल धर्म सिंह, मेजर एसबीएस बरार, सिपाही मानसिंह और वीर चक्र विजेता मेजर जीएस मैहर ,नाइक सूबेदार धन सिंह,हवलदार सरदार सिंह, नायक होशियार सिंह नायक ,अदना राम लेस नाइक, त्रिलोक सिंह ,लैसनाइक नेन सिंह, सिपाही मंगल सिंह को इस युद्ध में सम्मानित किया गया ।

इन योद्धाओं की पुण्यतिथि में हम हर वर्ष इस विजय दिवस को 7 नवंबर को मानते आते हैं और हम अपने वीर नारियों को इसमें याद करते हैं। और जिन-जिन हमारे पुराने वीर सैनिक को योद्धाओं ने इस में अपने प्राणों को निछावर किया। उनकी याद एवं आत्मा शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण का हम यहां पर आयोजन करते हैं।

इस अवसर पर आज इस विजय दिवस पर हमारे पुराने कमान अधिकारी ब्रिगेड बी पी सी खाती विशेष सेवा में से सम्मानित हमारे पूर्व ऑर्डिनरी कैप्टन शीशपाल सिंह पटवाल, ऑर्डिनरी कैप्टन राम सिंह ,साहब ऑर्डिनरी कैप्टन नारायण सिंह, कैप्टन आनंद सिंह, रागढ़ ऑoकैप्टन बलदेव सिंह, ऑनरी कैप्टन हेमराज सिंह ,रमेश अर्जुन, बलदेव और इस मौके पर हमारे बीच में हमारे पी बी ओ आर के अध्यक्ष श्री शमशेर सिंह बिष्ट, हवलदार बलवंत सिंह रागढ़ हवलदार क्लर्क चंद्रमणि थपलियाल एवं बड़ी संख्या में 3 पैराशूट बटालियन के पूर्व सैनिक और उनके आश्रित और महिलाएं उपस्थित थी।  इस अवसर में सब लोगों ने अपनी पुरानी यादें ताजा करी

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