देहरादून, 27 फरवरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत 126 नवनियुक्त ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। पिछले साढ़े तीन सालों में राज्य में 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नौकरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन आपके जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा, नव चयनित अभ्यर्थी लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई ग्राम पंचायत के अभिन्न अंग बनकर गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेंगे। राज्य के समग्र विकास के लिए गांवों का विकास जरूरी है। गांवों के विकास में एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से शहरों के साथ गांवों के विकास पर भी प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सख्त भू-कानून के लिए विधानसभा में विधेयक पारित हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण का सपना हमारे आन्दोलनकारियों ने इसलिए देखा था कि उत्तराखण्ड के अंतिम छोर में खड़े हुए व्यक्ति तक विकास पहुंचे। सभी उत्तराखण्डवासी मिल जुलकर राज्य को आगे बढ़ायें। मुख्यमंत्री ने सभी उत्तराखण्ड वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार के बहकावे में न आकर एक उत्तराखण्ड की भावना से मिलकर कार्य करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चाहे वे कोई भी हो, मंत्री हो, विधायक हो, सांसद हों या कोई आम उत्तराखण्डी ही क्यों न हो, उत्तराखण्ड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को सरकार बिल्कुल भी माफ नहीं करेगी। आज के बाद सभी प्रकार के भड़काऊ बयानों को गंभीरता से लिया जाएगा और उत्तराखण्ड की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, श्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजानदास, श्रीमती सविता कपूर, श्री बृजभूषण गैरोला, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के अध्यक्ष श्री बी.एस वर्मा, सचिव पंचायतीराज श्री चन्द्रेश यादव, निदेशक पंचायतीराज निधि यादव उपस्थित थे।
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