उत्तराखंड: 04 Jan.2026, रविवार को देहरादून / राजधानी स्थित अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध और सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन के पहले चरण में 4 जनवरी 2026 को देहरादून में कई संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया, जिसके बाद झड़पें हुईं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया; लोग कथित वीआईपी की गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक तापमान बढ़ता नजर आया। 4 जनवरी 2026 को देहरादून में कई संगठनों ने सीबीआई जांच और कथित वीआईपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों और राज्य आंदोलनकारी संगठनों ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय प्रवक्ता महेश जोशी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री आवास कूच में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, दिलाराम चौक पर हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पहाड़ की अस्मिता और देवभूमि की संस्कृति को बचाने का आंदोलन है।
वही, इस दौरान दिलाराम चौक पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोंकझोंक भी हुई, जिसके बाद प्रदर्शनकारी हाथीबड़कला क्षेत्र में धरने पर बैठ गए। वही दूसरी ओर अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में सामने आये नये घटनाक्रम के बाद अब सभी जन पक्षधर सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने की घोषणा कर दी है। आंदोलन के पहले चरण में 4 जनवरी को मुख्यमंत्री का घेराव किया। साथ ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।कथित वीआईपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों और राज्य आंदोलनकारी संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
