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शिक्षा निदेशालय महकमे में मारपीट पर MLA के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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उत्तराखंड: 21 FEB.2026, शनिवार को देहरादून / राजधानी स्थित  प्राप्त जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड शिक्षा निदेशालय,  में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना सामने आई।  प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के साथ हुई मारपीट मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है.  विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके साथ आए लोगों पर कार्यालय में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

वही इस दौरान अजय नौडियाल की तहरीर का अनुसार शनिवार 21 फरवरी दोपहर करीब 12.10 बजे विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ बिना सूचना के ननूरखेड़ा स्थित प्राथमिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे और सीधे उनके कक्ष में प्रवेश कर गए.मामला सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद निदेशक अजय नौडियाल को उपचार के लिए कोरोनेशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में इलाज जारी है। प्रशासनिक विवाद से बढ़ी बात, हाथापाई तक पहुंचा मामला , प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा निदेशालय में किसी प्रशासनिक विषय को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गया।

वही इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और हाथापाई हो गई। निदेशक अजय नौडियाल ने सीधे तौर पर विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि विधायक के समर्थकों ने निदेशक के साथ दुर्व्यवहार करते हुए मारपीट की। हालांकि, घटना को लेकर अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। निदेशक स्तर के अधिकारी के साथ हुई कथित मारपीट से शिक्षा निदेशालय के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।आरोप है कि कुछ देर बाद जब दरवाजा खोला गया तो बीच-बचाव की कोशिश की गई। लेकिन शिकायत के अनुसार विधायक और उनके साथ आए लोगों ने मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान महिला कर्मचारियों के साथ भी अभद्रता की गई।

साथ ही  कर्मचारियों ने घटना के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया है। उनका कहना है कि यदि किसी अधिकारी से असहमति थी, तो उसका समाधान प्रशासनिक स्तर पर किया जा सकता था, लेकिन हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है।कर्मचारियों ने विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मांगें पूरी न होने की स्थिति में प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

वही इस मौके पर  कर्मचारियों की बैठक के बाद हड़ताल की औपचारिक घोषणा संभव है। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। यह प्रकरण अब प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक रूप भी लेता जा रहा है।

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