अंतिम मतदाता सूची एवं प्रथम स्तरीय जांच को लेकर जिलाधिकारी ने की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

अंतिम मतदाता सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध, 23 अक्टूबर से होगी ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच
पौड़ी- विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के क्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन की जानकारी देने के साथ ही अंतिम मतदाता सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध करायी गई। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधियों से मतदाता सूची का परीक्षण करने तथा इस संबंध में प्राप्त सुझाव एवं फीडबैक साझा करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने का उद्देश्य सूची का व्यापक परीक्षण सुनिश्चित करना है, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम छूटने अथवा किसी मतदाता का नाम गलत स्थान पर दर्ज होने जैसी स्थिति की जानकारी समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उनकी उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी से निर्वाचन संबंधी कार्यों की निगरानी के साथ ही पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है। उन्होंने अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
03 अक्टूबर 2026 को अंतिम रूप से प्रकाशित विधानसभा निर्वाचक नामावली के अनुसार जनपद के छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 1,008 मतदान केंद्रों पर 5,07,135 सामान्य मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 2,64,235 पुरुष, 2,42,890 महिला तथा 10 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 14,570 सर्विस मतदाता हैं, जिनमें 14,319 पुरुष एवं 251 महिला सर्विस मतदाता शामिल हैं। इस प्रकार जनपद में सामान्य एवं सर्विस मतदाताओं को मिलाकर कुल 5,21,705 मतदाता पंजीकृत हैं।
बैठक में ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) के संबंध में भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी गई। जनपद में FLC का कार्य 23 अक्टूबर 2026 से ईवीएम गोदाम, वेयर हाउस छतरीधार, कोटद्वार रोड, पौड़ी गढ़वाल में प्रारंभ किया जाएगा। प्रथम स्तरीय जांच का कार्य प्रतिदिन प्रातः 09:00 बजे से सायं 07:00 बजे तक किया जाएगा तथा सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी प्रक्रिया जारी रहेगी। जांच कार्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा नामित इंजीनियरों के माध्यम से किया जाएगा।
एफएलसी की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निगरानी के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक राजनीतिक दल से प्रतिदिन दो अधिकृत प्रतिनिधि एफएलसी प्रक्रिया में उपस्थित रह सकेंगे। एफएलसी पूर्ण होने के बाद यादृच्छिक रूप से चयनित 5 प्रतिशत मशीनों पर मॉक पोल भी कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने एफएलसी के लिए अधिकृत प्रतिनिधियों के नाम एवं आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी की जाएं। साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, सहायक निर्वाचन अधिकारी एस एल शाह, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श, राजनीतिक दलों से एसएस रावत, भरत रावत, राजेंद्र सिंह रावत, महादेव प्रसाद बहुगुणा, क्रांति किशोर, संतोष चंदोला सहित अन्य उपस्थित थे।