राम मंदिर घोटाला: चढ़ावा चोरी मामले में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं.
200 किलो चांदी और काकभुशुंडि मूर्ति का हिसाब नहीं, ट्रस्ट पर गंभीर सवाल
उत्तराखंड: 25 JUNE 2026, गुरुवार को देहरादून । प्राप्त जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश/अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे के कथित कुप्रबंधन मामले में नए आरोप सामने आए हैं। मुंबई स्थित विश्व सिंधी सेवा संगम ने दावा किया है कि वर्ष 2021 में रामलला को समर्पित की गई 200 किलो चांदी की शिलाओं की आज तक कोई आधिकारिक रसीद नहीं मिली। संस्था का आरोप है कि यह चांदी सीधे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपी गई थी।अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में रोज नए आरोप लग रहे हैं। अब मुंबई के विश्व सिंधी सेवा संगम ने आरोप लगाया है कि 200 किलो चांदी दान करने की रसीद आज तक नहीं मिली। न ही ये बताया गया कि चांदी का इस्तेमाल कहां हुआ।
इसी बीच एक महिला श्रद्धालु ने भी काकभुशुंडि की चांदी की मूर्ति दान करने के बावजूद उसकी रसीद न मिलने का आरोप लगाया है। दोनों मामलों ने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और दान के रिकॉर्ड को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. राजू मनवानी के अनुसार, दुनिया भर के सिंधी समाज के 200 लोगों ने एक-एक किलो चांदी की शिलाएं दान की थीं, जिन्हें 26 जनवरी 2021 को अयोध्या में विधिवत पूजन के बाद ट्रस्ट को सौंपा गया था। ट्रस्ट की ओर से जांच के बाद रसीद भेजने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया।
उधर, एसआईटी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद भी ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई दिए हैं, जिससे मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। दानदाताओं ने सरकार और प्रशासन से चांदी की शिलाओं तथा अन्य दान सामग्री की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।