इस वर्ष योग दिवस का आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसे प्रकृति संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता से भी जोड़ा गया। एमडीडीए द्वारा विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का भी मार्ग है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को योग के वैज्ञानिक लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रहा है। यहां का प्राकृतिक वातावरण और सांस्कृतिक विरासत लोगों को संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
योग दिवस कार्यक्रम ने यह भी साबित कर दिया कि एमडीडीए का सिटी फॉरेस्ट पार्क केवल मनोरंजन स्थल नहीं बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामुदायिक गतिविधियों का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। पार्क में मौजूद ओपन स्पेस, ट्रैक और हरित क्षेत्र सामूहिक योग एवं वेलनेस गतिविधियों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं।