उत्तराखंड: 02 May 2026, शनिवार को देहरादून/राजधानी के जनपद देहरादून में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा जनसामान्य में सुरक्षा की भावना को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही करते हुए जिला मजिस्टेªट सविन बंसल ने 02 आदतन कुख्यात शातिर अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए 06 माह के लिए जिला बदर करने के आदेश पारित किए हैं।
इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून से प्राप्त आख्या एवं प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली विकासनगर की चालानी रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त आसिफ पुत्र राशिद, निवासी मुस्लिम बस्ती, चौकी बाजार के पीछे, कोतवाली विकासनगर के विरुद्ध कार्यवाही प्रारम्भ की गई। उक्त व्यक्ति के विरुद्ध आयुध अधिनियम सहित भारतीय दण्ड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में अनेक आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। आसिफ पर थाना विकासनगर में कदमें दर्ज हैं।
अभियुक्तो की सामान्य ख्याति एक दुस्साहसी एवं समाज के लिए खतरनाक व्यक्ति के रूप में है तथा आमजन में उसके प्रति भय व्याप्त है। कई मामलों में लोग उसके विरुद्ध शिकायत अथवा साक्ष्य प्रस्तुत करने से भी कतराते हैं। इस प्रकार की गतिविधियाँ लोक शांति एवं जनहित के प्रतिकूल पाए जाने पर विपक्षियों को जिला मजिस्टेªट कोर्ट से विधिवत नोटिस जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया, किन्तु पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी वह न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई आपत्ति प्रस्तुत की।
उपलब्ध साक्ष्यों, आपराधिक इतिहास तथा प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3 के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए अभियुक्त आसिफ एवं राहुल कश्यप को गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत गुंडा घोषित करते हुए उक्त आदेश की तिथि से 06 माह की अवधि के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि बिना सक्षम अनुमति के जनपद में प्रवेश नहीं करेगें तथा अपने निवास स्थान की सूचना संबंधित न्यायालय एवं थाना को उपलब्ध कराएंगे। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर विधि अनुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिला मजिस्टेªट न्यायालय द्वारा शांति, कानून व्यवस्था एवं नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे अपराधित तत्वों पर कड़ा एक्शन लिया जा रहा है इस प्रकार के मामलों किसी प्रकार का समझौता न करते हुए असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही निरंतर जारी है।
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