उत्तराखंड: 17 Oct. 2025, शुक्रवार को देहरादून । दीपावली त्यौहार के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड द्वारा प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।मिलावट के कारोबार में लिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दे रहा है “मिलावट पर जीरो टॉलरेंस।” FDA विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि सस्ती मिठाइयों और खुले मावे से बचें, और मिठाई खरीदते समय ब्रांड, पैकिंग और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।
वही दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसके लिए मोबाइल वैन लांच की हैं, जिनमें तमाम खाद्य पदार्थों की मौके पर ही जांच करने की सुविधा उपलब्ध है। यह मोबाइल वैन मौके पर जांच तो करेगी ही, लोगों को फूड सेफ्टी के प्रति जागरूक भी करेगी। अगर खाद्य पदार्थ में मिलावट है! आईये वैन पर उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 18001804246 पर शिकायत कर मिनटों में पता चल जाएगा । साथ ही वैन में हैं ये उपकरण: एनालाइजर, हॉट एयर ओवन, हॉट प्लेट, मिक्सर ग्राइंडर, डिजिटल वेइंग मशीन, डिजिटल मल्टी पैरामीटर, हैंड हेल्ड मीटर, पावर जनरेटर और एसी से ये वैन लैस है।
वही जानकारी के अनुसार उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा विभाग ने मोबाइल खाद्य विश्लेषणशाला की वैन में दूध, आटा, दाल, मसाले, तेल, घी, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की तुरंत जांच करने में सक्षम हैं। उपभोक्ता इन वैन में अपने खाद्य पदार्थों की जांच करवा सकते हैं, जिसके परिणाम 15-20 मिनट में मिल जाते हैं।
वहीं लोगों को खाद्य पदार्थ में मिलावट को लेकर जागरूक करने का भी किया जा रहा है। इस दौरान प्राप्त जानकारी के अनुसार एफडीए विभाग में दो मोबाइल वैन खड़ी है इसमें टोल फ्री नंबर 18001804246 लिखा है । जिस पर उपभोक्ता खाद्य पदार्थ में मिलावट की जांच हेतु शिकायत कर सकता है। जब मौके पर हमारे संवाददाता ने वैन पर लिखा टोल फ्री नंबर को फोन से मिलाया तो उसे पर यह जवाब आया कि यह नंबर कार्यों में नहीं है, जिसमें एफडीए विभाग की बड़ी लापरवाही सामने दिखाई दी।
साथ ही उक्त संबंध में जब हमारे संवाददाता ने एफडीआई के डिप्टी कमिश्नर एवं अपर आयुक्त ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी से टोल फ्री नंबर काम न करने पर पूछा तो पहले तो वह भी हैरान रह गए फिर उन्होंने अपने स्टाफ पर बात डाल दी, और जब स्टाफ को बुलाकर उन्होंने पूछा कि टोल फ्री नंबर कब से काम क्यों नहीं कर रहा है तो उनका सीधा जवाब बिल जमा नहीं है। इस प्रॉब्लम को कॉल सेंटर वालों ने अब तक नहीं बताया क्योंकि पिछले 6 महीने से यह टोल फ्री नंबर काम नहीं कर रहा है। जिस पर ड्रग कंट्रोलर ताजबर जग्गी ने तुरंत कार्रवाई के लिए और टोल फ्री नंबर को अपडेट करने के लिए कॉल सेंटर कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा की जल्दी इस लापरवाही को ठीक कीजिए।
औरवैन में लिखे टोल फ्री नंबर को चालू कीजिए। जिससे त्यौहार सीजन में खाद्य पदार्थो में मिलावट खोरी की मौके पर जांच हेतु शिकायत के साथ जागरूकता बनी रहेगी। बता दे कि अगर इस दोनों मोबाइल वैन पर लिखे टोल फ्री नंबरों की अगर हमारे संवाददाता जांच नहीं करते तो यह और कितने दिन दिनों तक उपभोक्ता अपनी शिकायत का लाभ नहीं उठा पाते।
बता दे की एफ.डी.ए विभाग में तीन मोबाइल वैन उपलब्ध है। जिसमें तीनों वैन पर लिखे टोल फ्री नंबर काम नहीं कर रहे हैं, तो जनता में जागरूकता कैसे होगी.. जरा सोचिए?
जहां विभाग की ओर से मामले को संज्ञान में लेते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए वही जिसमें खाद्य पदार्थों पर मिलावट को रोकने के लिए समय-समय पर छापेमारी की जाती है. साथ ही सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दी जाती है. जिसमें काफी समय लग जाता है. जिसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की है. इस वैन लैब में अपना खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच करा सकते हैं.
इस दौरान उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखण्ड सरकार डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार के आदेशानुसार राज्यभर में औषधि विभाग द्वारा निम्न गुणवत्ता की औषधियों के विरुद्ध सघन औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है।