करनपुर पंडालो में पष्ठी से मॉ दूर्गा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद किया आह्वान

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उत्तराखंड: 28 सितंबर. 2025, रविवार को देहरादून ।  करनपुर बाजार, बंगाली मोहल्ला, ओल्ड डालनवाला एवं देहरादून के अन्य जगहो में, रविवार को षष्ठी से 28 सितंबर 2025  से दुर्गा पूजा की धूम/अति उत्साह के साथ  शुरू कि गई। पांच दिनों तक चलने वाली इस पूजा के लिए सुंदर पंडाल सजाया गया है। वही इस पर्व को बंगाली समुदाय के आयोजनो के द्वारा मां दुर्गा की पूजा करने के लिए पंडित और बजाने के लिए कोलकाता से ढ़ाक मंगवाया गया है।  इस शुभ अवसर पर दूर्गा पंडालो में संध्या में मां दुर्गा की पूजा की जाएगी और धुनुची डांस होगा।

करनपुर देहरादून में, सौ वर्षो से अधिक  बंगाली लाइब्रेरी दुर्गा पूजा समिति हर साल बंगाली लाइब्रेरी में दुर्गा पूजा का  आयोजन करती है। इस दौारान बंगाली लाइब्रेरी पूजा समिति के अध्यक्ष सीएस बनर्जी  एवं महासचिव आलोक चक्रवर्ती नेे बताया कि इस वर्ष 103वीं श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव बड़े उत्साह व हर्षोंल्लास के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और पूजा अनुष्ठान के साथ मनाया जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण दुर्गा पूजा समिति है जो अपनी दुर्गा पूजा का आयोजन बंगाली लाइब्रेरी में करती है। वही इस पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

इस दौरान  शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर 2025 को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से हो चुकी है, और दुर्गा पूजा का मुख्य समारोह षष्ठी तिथि 28 सितंबर से  विजयादशमी 2 अक्तूबर 2025  तक मनाया जाएगा। पांच दिन की इस दुर्गा पूजा में प्रत्येक दिन की अपनी विशेष महत्व और रस्में होती हैं। षष्ठी से लेकर दशमी तक भक्त अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करते हैं,   देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ-साथ पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भजन-कीर्तन और रंगारंग झांकियों के लिए जाना जाता है।

वही दुसरी ओर गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर करनपुर बाजार में श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव बजरंग सेवा समिति द्वारा आयोजित 35वीं दुर्गा पूजा महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसमें सेवा समिति के मीडिया प्रभारी एव पूर्व अध्यक्ष सोमपाल सिंह ने बताया कि आज रविवार 28 सितंबर 2025 को शाम 7रू00 बजे आचार्य गिरीश चंद्र सेमवाल एवं उनके सहयोगी पंडित गणेश चंद सेमवाल द्वारा पष्ठी को वैदिक मंत्रो उच्चारण व परांपरिक रूप से मॉ दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा आबोधन पूजन के साथ पूजा प्रारंभ की गई। इस पष्ठी पूजन में सबसे पहले भगवान श्रीगणेश जी व कार्तिक भगवान,मॉ लक्ष्मी देवी,मॉ सरस्वती और मॉ दुर्गा की प्रतिमा को पूजा अर्चना के साथ प्राण प्रतिष्ठा आबोधन किया गया। पांच दिनों तक चलने वाली इस पूजा के लिए सुंदर पंडाल सजाया गया है।

पांच दिवसीय दुर्गा पूजा 2025 कैलेंडर :-
षष्ठी तिथि (28 सितंबर 2025) – इस दिन पूजा की शुरुआत होती है। इसे कल्पारम्भ कहा जाता है, जिसमें पूजा की तैयारी और शुभ आरंभ किया जाता है।
सप्तमी तिथि (29 सितंबर 2025) – इस दिन मुख्य रूप से कोलाबौ पूजा होती है।
महाअष्टमी (30 सितंबर 2025) – इस दिन भोग और आरती के साथ-साथ सबसे महत्वपूर्ण संधि पूजा होती है।
महानवमी (1 अक्तूबर 2025) – नवमी के दिन महानवमी पूजा, दुर्गा बलिदान और नवमी होम का आयोजन होता है।
दशमी तिथि (2 अक्तूबर 2025) – आखिरी दिन सिंदूर खेला, दुर्गा विसर्जन और रावण दहन की रस्में निभाई जाती हैं।

वही, इस अवसर पर बजरंग सेवा समिति के प्रधान सौरभ दुसेजा, उपाध्यक्ष सन्नी मेहरा , महासचिव रिपुल भाटिया? कोषाध्यक्ष चेतन दीवान व जितेंद्र साहनी, एवं लेखा परीक्षा संजीव साहनी? मीडिया प्रभारी सोमपाल सिंह, जितेंद्र नैय्यर, भूतपूर्व प्रधान रवि कुमार गोलू पार्षद करणपुर वार्ड नंबर 15 एवं सुमित अरोड़ा, प्रवीण चावला, करणपुर लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रधान सुरेश दुसेजा एवं सुभाष वासुदेव आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

शारदीय नवरात्रि बड़े हर्षोल्लास से मनाई जाती है, जहां पर भारतीय हिंदू कम्युनिटी के लोग रहते हैं। देश के कुछ हिस्सों में षष्ठी तिथि से लेकर दशमी तक दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है, जब देवी दुर्गा की विधि-विधान से पूजा होती है। काली पूजा, धुनुची आरती और सिंदूर खेला जैसी परंपराओं के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को धूमधाम से विसर्जित किया जाता है।  दुर्गा पूजा में षष्ठी, महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और विजयादशमी का विशेष महत्व है।

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