उत्तराखंड: 24 सितंबर. 2025, बुधवार को देहरादून / राजधानी स्थित सैकड़ों की संख्या में बेरोजगार युवा देहरादून के परेड मैदान में जमा हो गए. परेड ग्राउंड के पास सड़क पर गुस्साए बेरोजगारों ने पेपर लीक मामले की सीबीआई से जांच की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले युवाओं ने ‘पेपर चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया। प्रदेश में यूकेएसएससी पेपर लीक मामले में उत्तराखंड क्रांति दल, उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में सैकड़ों की संख्या में युवक-युवतियां बाजार में जुलूस प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
वही जिसमें देहरादून में आज बुधवार को हजारों की संख्या में युवाओं ने पुलिस और आयोग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। युवाओं ने सरकार से पेपरलीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की।उत्तराखंड में एक बार फिर पेपर लीक मामले ने युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। साथ ही बेरोजगार संघ के बैनर तले सोमवार को हजारों की संख्या में युवा परेड ग्राउंड के पास इकट्ठा हुए। इस दौरान एसएसपी अजय सिंह समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। परेड ग्राउंड के आसपास आने और जाने वाले छात्रों की चेकिंग भी की गई। छात्रों से वहां पहुंचने का कारण भी पूछा गया। उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी समेत गढ़वाल और देहरादून से हजारों की संख्या में छात्र आंदोलन करने के लिए पहुंचे।
युवाओं ने कहा कि प्रदेश सरकार कह रही है कि पेपर लीक नहीं हुआ, तो आरोपी के कमरे में जैमर नहीं था. वहीं दूसरी ओर बच्चों को बस में बिठाकर उनसे झूठ बुलवाया जा रहा है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए. कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा. युवाओं ने कहा कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है. बार-बार हो रही परीक्षाओं में गड़बड़ी से बेरोजगार युवाओं का मनोबल टूट रहा है।
लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है.वहीं युवाओं ने युवा विरोधी सरकार मुर्दाबाद, पेपर माफिया हाय-हाय और मुख्यमंत्री इस्तीफा दो जैसे नारे लगाकर आक्रोश जताया. कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और CBI जांच नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा.। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि जिस तरह प्रशासन ने धारा 163 लागू करके युवाओं को डराने की कोशिश की है, यह लोकतंत्र का गला घोटने के समान है और युवाओं के मुद्दों को खत्म करने की कोशिश भर है।
साथ ही बॉबी पंवार ने सफेद पोश और अधिकारियों पर भी नकल माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि पेपर का सेट 11 के बाद ही नहीं इससे पहले ही लीक हो गया था. उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे परीक्षा केंद्र के पीछे की दीवार के बाहर दो युवक प्रश्न पत्र सॉल्व कर रहे थे. उनके पास इसका चश्मदीद गवाह भी है.
युवाओं ने कहा कि जब हाकम सिंह पकड़ा गया तो उस समय जो ऑडियो लीक हुआ वह बेरोजगार संघ के संज्ञान में आया. उसी को सोर्स बनाते हुई एसटीएफ ने हाकम सिंह को पकड़ा. उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि हाकम सिंह के हाकमों को पकड़ा जाए. वहीं आयोग में बदलाव कर यह पेपर दोबारा से कराया जाये. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो कैसे युवा सरकार और आयोग पर भरोसा कर पाएगा.
वही जिसमें उत्तराखंड में रविवार 21 सितंबर 2025 को UKSSSC द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में युवाओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक ओर पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश में लगी है. दूसरी ओर सीएम धामी सख्त कार्रवाई का आदेश दे चुके हैं. इसके बावजूद राजनीतिक दलों और युवाओं का गुस्सा कम नहीं हो रहा है
इस दौरान वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूकेएसएसएससी की परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी सख्ती बरतेगी।उन्होंने कहा कि नकल जिहाद की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नकल जिहादियों को मिट्टी में मिलाने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने बुधवार को कुआंवाला में आयोजित भाजपा के प्रान्तीय पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, महामंत्रियों, जिला प्रभारियों सह प्रभारियों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में यह बात कही।