Home उत्तर प्रदेश BREAKING NEWS…कश्मीरी कैदी यूपी की जेलों में क्यों छटपटा रहे है…

BREAKING NEWS…कश्मीरी कैदी यूपी की जेलों में क्यों छटपटा रहे है…

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कश्मीरी कैदीयों को यूपी की जेलो में क्यों नही रास आ रहा है…

उत्तर प्रदेश/देहरादून डेस्क/लखनऊ: राजधानी से सूत्रों के हवाले मिली खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश की जेलों में बड़ी संख्या में बंद कश्मीरी कैदियों ने अपने राज्य की जेलों में वापस भेजे जाने की मांग की है। जिसमंे बंदीग्रह के कैदी अवसादग्रस्त और मैदानी इलाके की गर्मी और उमस भरे मौसम को सहन करने में ये असमर्थ हैं। वही जिसमें सूत्र बताते है कि जेल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूपी के मौसत की गर्मी व उमस का वातावरण का कश्मीरी कैदीयों के शरीर के अनुकूल नहीं है जो उन्हें रास नही आ रहा है।

जिसमें इन कैदीयों को। उन्हे भूख नहीं लगती और वे अवसाद से पीड़ित हैं। वही इस पर कई कश्मीरी कैदियों ने पेट में दर्द जैसा समस्याओं की से पीडित बताया है। वही सूत्रों का कहना हैकी इस कैदीयों की शिकायत पर डॉक्टरों से सलाह के बाद उन्हें इलाज की सुविधा लेने से पहले उन्हें अल्ट्रासाउंड परीक्षणों से गुजरना पड़ेगा। वहीआपको बता दें लखनउ बंदीगृह से मिली सूत्रो के अनुसार पिछले दो हफ्तों में कश्मीर के कुछ मुट्ठीभर आगंतुकों को जेल में बंद अपने रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति दी गई है।

वही इस पर जेल के अधिकारियों के अनुसार, वे बहुत से रिश्तेदारों को कश्मीरी कैदियों से मिलने की इजाजत नहीं दे सकते थे। क्योंकिउनके प्रमाणपत्रों को सत्यापित करने में बहुत अधिक समय लगता है। वही सूत्र बताते है की इनमें से कुछ कैदियों पर आजादी.समर्थक प्रदर्शनकारी होने का आरोप लगा है या संभावित पत्थरबाज करार दिया गया है। उनके खिलाफ उनके राज्य में पुलिस मामले का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं है और इसलिए उन्हें आदतन परेशान करने वाला आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।

वहीं जिसमें कश्मीर घाटी में कम्युनिकेशन लॉकडाउन के कारण कैदी कश्मीर में निवास करने वाले अपने परिवार वालों से संपर्क करने में भी असमर्थ हैं। जिसमें गौरतलब है की पीछले 6 अगस्त 2019 को जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद कुल 285 कैदियों को कश्मीर से उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणस, आगरा, नैनी इलाहाबाद, बरेली एवं अंबेडकर नगर की जेलों में ले जाया गया था।

वही सूत्रों के अनुसार जेल के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा गठित एक सलाहकार बोर्ड उनके मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कर रहा है।

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